सीएनई संवाददाता, रानीखेत। व्यापार मंडल चुनाव को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। निवर्तमान व्यापार मंडल महासचिव संदीप गोयल ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष को पत्र भेजकर उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित किए जाने के निर्णय पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उनका पक्ष सुने और उन्हें किसी प्रकार की सूचना दिए बिना चुनाव से वंचित करने का फैसला प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

पत्र में संदीप गोयल ने कहा कि गत 26 जून को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं चुनाव समिति के पदाधिकारियों की ओर से चुनाव प्रक्रिया के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई थी। उनका आरोप है कि इस बैठक की सूचना नगर व्यापार मंडल के निवर्तमान पदाधिकारियों को नहीं दी गई और उनकी अनुपस्थिति में ही ऐसा निर्णय ले लिया गया, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि इस निर्णय की जानकारी उन्हें संगठन की ओर से नहीं, बल्कि समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई। गोयल ने इसे एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ निर्णय लेने से पहले उसका पक्ष सुनना आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर तक नहीं दिया गया।
प्रांतीय अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में संदीप गोयल ने अनुरोध किया है कि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्पष्ट जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि यदि संगठन को उनके विरुद्ध कोई शिकायत या आपत्ति है तो उन्हें उससे अवगत कराया जाए और निष्पक्ष रूप से अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया जाए।
पत्र के अंत में उन्होंने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष से आग्रह किया है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का एक अवसर दिया जाए, जिससे पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान हो सके।



