विपक्षी विधायक के कार्यकाल पर उठाए सवाल
सीएनई रिपोर्टर : अल्मोड़ा की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषकर 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर जिले में राजनीतिक पारा गरमा गया है। विपक्ष द्वारा व्यवस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों और जनांदोलन की चेतावनी के बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए विपक्ष के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीति से प्रेरित करार दिया है।


विनीत बिष्ट ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा (108 एंबुलेंस) सीधे तौर पर जनता की भावनाओं और उनके जीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं कोई तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या आती है, तो सरकार और संबंधित विभाग उसे तत्काल संज्ञान में लेते हैं। बिष्ट ने कहा, “किसी एक या दो छिटपुट घटनाओं को आधार बनाकर पूरी व्यवस्था को विफल बता देना उचित नहीं है। हमारी सरकार लगातार स्वास्थ्य संसाधनों को बढ़ाने और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम कर रही है।”
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए विनीत बिष्ट ने सीधे तौर पर पूर्व जनप्रतिनिधियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का रोना रो रहे हैं और लगभग 15 वर्षों तक विधायक पद पर काबिज रहे, उन्हें सवाल पूछने से पहले अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना चाहिए।
बिष्ट ने तंज कसते हुए कहा, “जिले में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी या बुनियादी ढांचे का कमजोर होना कोई एक-दो साल की उपज नहीं है। आखिर इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए? जनता आज इस देरी का जवाब मांग रही है।”
मेडिकल कॉलेज और बुनियादी ढांचा
नगर अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विशेषज्ञों की नियुक्ति और संसाधनों का पूर्ण सुदृढ़ीकरण एक चरणबद्ध प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है और जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम धरातल पर नजर आएंगे।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर केवल राजनीति करने के बजाय समाधान पर विश्वास रखती है। उन्होंने विपक्ष से अनावश्यक जनांदोलन की चेतावनी देने के बजाय सकारात्मक सुझाव और सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि, “स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना किसी एक दल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सबकी साझा लड़ाई है। यह सीधे तौर पर आम जनता के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर संवाद और समन्वय के माध्यम से काम किया जाना चाहिए, न कि अनावश्यक भ्रम फैलाकर।”


