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आरक्षण लागू होने पर अल्मोड़ा विस सीट महिला आरक्षित हुई, तो मेरे परिवार से कोई म​हिला चुनाव नहीं लड़ेगी: मनोज तिवारी

► अल्मोड़ा के विधायक ने धामी सरकार को दी चुनौती, महिला आरक्षण मुद्दे पर सरकार की खिंचाई

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही राजनैतिक बयानबाजी पर भाजपा और भाजपा सरकार पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ही बात को बार-बार दोहराकर झूठे आरोप को सच साबित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब परिसीमन से जोड़कर भाजपा भ्रम फैला रही है। उन्होंने धामी सरकार को चुनौती दी कि जल्द उत्तराखंड में ​महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में उसे लागू किया जाए। उन्होंने यह ऐलान भी किया कि यदि ऐसा होता है और अल्मोड़ा सीट महिला आरक्षित होती है, तो उनके परिवार से कोई महिला दावेदारी नहीं करेगी।

विधायक ने आज यहां होटल शिखर में प्रेसवार्ता आयोजित कर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो चुका था, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़कर दोबारा लाना नियमों के विपरीत है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के हित में हर कदम का समर्थन करती है, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का काम कर रही है। विधायक ने कहा कि यह विषय महिला आरक्षण से ज्यादा परिसीमन से जुड़ा है और इसके माध्यम से लोकसभा सीटों में बदलाव की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रति गंभीर होती, तो मौजूदा सीटों में ही आरक्षण लागू किया जा सकता था।

विधायक ने इस बात को विचारणीय बताया कि यदि भाजपा सरकार को महिलाओं की चिंता होती, तो राज्य में अंकिता भंडारी जैसा मामला नहीं होता और भाजपा दोषियों को बचाने के प्रयास नहीं करती। विधायक तिवारी ने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा अगर सरकार महिलाओं की हितैषी है, तो महिलाओं के साथ अत्याचार, हत्या, दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाएं नहीं होती। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता है और अल्मोड़ा विधानसभा सीट महिला आरक्षित होती है, तो उनके परिवार से कोई महिला चुनाव नहीं लड़ेगी। यहां पत्रकार वार्ता में महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पार्षद मधु बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, रीना टम्टा, जानकी पांडे, तुलसी देवी, अंजू बिष्ट और वंदना वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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