24 घंटे की भूख-हड़ताल शुरू
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। कांडा को पृथक विकासखंड (ब्लॉक) घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। कालिका मंदिर परिसर में चल रहे इस धरने को आज 30 दिन (एक माह) पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।
आंदोलन के 30वें दिन धपोली गांव निवासी ईश्वर सिंह धपोला और मोहन सिंह धपोला ने अपनी मांगों के समर्थन में 24 घंटे की भूख-हड़ताल (महातपस्या) शुरू कर दी है। अनशनकारियों का कहना है कि वे क्षेत्र के विकास और हक के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं।
आंदोलन के एक माह पूरे होने पर कालिका मंदिर परिसर में दरपान सिंह धपोला की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन की उदासीनता पर तीखा प्रहार किया।
मुख्य बिंदु:
- आंदोलन को क्षेत्रीय जनता का व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
- वक्ताओं ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के धैर्य की परीक्षा न ले।
- समय रहते सुध न लेने पर जनता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।
“प्रशासन को जनता की भावनाओं को समझना चाहिए। एक महीना बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।” — बैठक में उपस्थित वक्ता
आंदोलन को मजबूती देने के लिए आज बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का सफल संचालन आलम मेहरा द्वारा किया गया। इस योगेश धपोला (उपाध्यक्ष, ग्राम प्रधान संगठन), दिनेश वर्मा, हरेन्द्र कुमार, गणेश दत्त कांडपाल, मनीष कांडपाल, जितेन्द्र वर्मा, महेश पंत, अशोक जोशी, प्रकाश नगरकोटी, विनोद नगरकोटी, बबलू कांडपाल आदि उपस्थित रहे।
अलबत्ता कांडा को ब्लॉक बनाने की मांग अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। ग्रामीणों की भूख-हड़ताल ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि शासन इस पर कब तक संज्ञान लेता है।




