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सीएम धामी ने फूंका ‘खेत बचाओ अभियान’ का बिगुल, अल्मोड़ा जिले में 6 करोड़ से होंगे तारबाड़ कार्य

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➤ हवालबाग में अभियान का राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम, बड़ी संख्या में पहुंचे कृषक
➤ मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प, अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक ओर जलवायु परिवर्तन ने कृषि पर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, तो दूसरी ओर नकली खादों और रसायनों के इस्तेमाल से हमारे खेतों की मिट्टी बीमार हो गई है। इससे किसानों की कड़ी मेहनत के बावजूद उतनी पैदावार नहीं हो पा रही, जितनी होनी चाहिए, हालांकि सरकार के प्रयासों से किसानों को अब अच्छी आय हो रही है। मुख्यमंत्री आज शनिवार को हवालबाग में आयोजित राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ के भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य खेतों की मिट्टी को स्वस्थ रखकर कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने इस अभियान को एक जनांदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने जनपद अल्मोड़ा में खेती की सुरक्षा के लिए 6 करोड़ रूपये की लागत से तारबाड़ करवाने की घोषणा की। इस समारोह में मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। सीएम बोले कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। उन्होंने कहा कि किसान काफी मेहनत करते हैं, जिससे पर्याप्त पैदावार नहीं हो पाती, इसकी वजह है मिट्टी का कमजोर होना। उन्होंने कहा कि मिट्टी को स्वस्थ रखने के लिए उसकी उर्वरा शक्ति बढ़ानी होगी और खेतों को नकली और रासायनिक खादों से मुक्त रखना होगा। तभी भावी पीढ़ी को हम एक स्वस्थ व सुरक्षित कृषि व्यवस्था दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो चुकी है। धामी ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में उत्तराखंड का नाम पूरे देश में पहला है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराने की घोषणा की।

इससे पहले कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने खेत बचाओ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया और कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट व गोविंद पिलख्वाल, मेयर अजय वर्मा, निदेशक कृषि, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान व कैलाश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, ललित लटवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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