एक सप्ताह में सरकारी भूमि पर काबिज लोगों का होगा सत्यापन
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनपद में बुनियादी ढांचे के विकास और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग 309A के चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में किलोमीटर 80 से 169 तक प्रस्तावित दो लेन चौड़ीकरण कार्यों की वर्तमान प्रगति, नाप भूमि के प्रतिकर वितरण और वन भूमि हस्तांतरण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।


जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने तहसीलदार कांडा को स्पष्ट निर्देश दिए कि बागेश्वर से कांडा के मध्य सरकारी भूमि पर रह रहे व्यक्तियों का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन किया जाए। यह कार्य आगामी एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कोई वैधानिक अड़चन न आए।
तीन सप्ताह के भीतर मुआवजा भुगतान के निर्देश
प्रभावित काश्तकारों और भू-स्वामियों के हितों का ध्यान रखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी तीन सप्ताह के भीतर समस्त पात्र प्रभावितों को शासनादेश के अनुरूप प्रतिकर (मुआवजा) का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में मुआवजे की राशि वितरित की जा चुकी है, वहां गठित समिति के साथ समन्वय बनाकर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तत्काल शुरू करने को कहा गया है।
निर्माण कार्य के दौरान आमजन को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के लिए जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को विशेष हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जल संस्थान, जल निगम, यूपीसीएल (विद्युत) और बीएसएनएल के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर ही कार्य को आगे बढ़ाया जाए। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सड़क खुदाई या चौड़ीकरण के दौरान पेयजल लाइन, विद्युत आपूर्ति और संचार सेवाओं को अनावश्यक क्षति न पहुंचे।
17 किलोमीटर में कटिंग कार्य हुआ पूर्ण
बैठक में कार्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि बागेश्वर से कनालीगाड़छीना तक कुल 32 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का लक्ष्य है, जिसमें से 17 किलोमीटर हिस्से में कटिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, बागेश्वर से कांडा के बीच 16 किलोमीटर के दायरे में आने वाले वृक्षों के पातन (कटिंग) का कार्य भी पूरा हो चुका है।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को हिदायत दी कि समस्त निर्माण कार्य न केवल निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे हों, बल्कि उनमें मानकों और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


