फर्जी नंबर प्लेट और मोडिफिकेशन का खेल
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनपद के कपकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चोरी हुई एक मोटरसाइकिल को बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए वाहन का हुलिया तक बदल दिया था। पकड़ा गया आरोपी एक राजनीतिक दल (UKD) का पदाधिकारी बताया जा रहा है।


मामले का खुलासा करते हुए थानाध्यक्ष कपकोट ने बताया कि ग्राम बसकुना निवासी दीपक सिंह मेहता ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने के संबंध में थाने में तहरीर दी थी। पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और वाहन की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। उपनिरीक्षक संजय धौनी और हेड कांस्टेबल विनोद हर्बोला के नेतृत्व में टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और सघन चेकिंग अभियान चलाया।
प्रभावी चेकिंग के दौरान पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल (नंबर UK02A 7468) के साथ अभियुक्त जगदीश चन्द्र पुत्र बचे सिंह को गिरफ्तार किया। अभियुक्त मूल रूप से बागेश्वर के हड़बाड़ का निवासी है और वर्तमान में कपकोट अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर में कार्यरत है।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने पकड़े जाने के डर से मोटरसाइकिल की असली नंबर प्लेट हटाकर उस पर फर्जी नंबर (UK 02 B-2670) लगा दिया था। इतना ही नहीं, उसने बाइक की पहचान पूरी तरह बदलने के लिए उसके इंडिकेटर, हॉर्न और हेडलाइट का वाइजर भी बदल दिया था और टंकी पर काला लेमिनेशन करवा दिया था। इस धोखाधड़ी के कारण पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 336(3) की बढ़ोतरी की है।
मजबूरी का बहाना और राजनीतिक पद का खुलासा
पुलिस पूछताछ के दौरान जगदीश चन्द्र ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि वह उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के युवा प्रकोष्ठ का कपकोट ब्लॉक अध्यक्ष है। अभियुक्त ने बताया कि उसे आने-जाने के लिए वाहन की सख्त जरूरत थी, लेकिन नई मोटरसाइकिल खरीदने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे।
घटना वाले दिन वह ग्राम बैड़ा मझेडा में किसी को दवा पहुँचाकर वापस बागेश्वर आने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहा था। काफी देर तक वाहन न मिलने पर उसकी नजर सड़क किनारे खड़ी एक बाइक पर पड़ी, जिसमें चाबी लगी हुई थी। मौका पाकर वह बाइक लेकर फरार हो गया और बाद में उसे मॉडिफाई कर इस्तेमाल करने लगा।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे रिमांड हेतु न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस सफल बरामदगी और गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से एसआई संजय धौनी और हेड कांस्टेबल विनोद हर्बोला शामिल रहे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अभियुक्त किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त रहा है।


