AI से अश्लील वीडियो बना दे रहा था धमकी
पुलिस ने दबोचा इब्राहिम, लगीं बेहद सख्त धाराएं
डॉ. मंजुनाथ टीसी का स्पष्ट संदेश—जेल ही होगा अपराधियों का ठिकाना
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण और नाबालिगों के उत्पीड़न के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का नैनीताल पुलिस ने बेहद सख्त और निर्णायक उदाहरण पेश किया है। लालकुआं क्षेत्र से सामने आया यह मामला न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। यहाँ एक शातिर अपराधी ने आधुनिक तकनीक और फर्जी पहचान का सहारा लेकर एक नाबालिग बेटी की गरिमा को ठेस पहुँचाने और उसे अपने धर्म से डिगाने की घिनौनी कोशिश की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी इब्राहिम को गिरफ्तार कर लिया है।



इस पूरे प्रकरण की पटकथा करीब दो माह पूर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लिखी गई। आरोपी इब्राहिम ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए एक लड़की की तस्वीर लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाई। इस डिजिटल मुखौटे के पीछे छिपे अपराधी ने बड़ी चतुराई से लालकुआं निवासी एक नाबालिग लड़की से संपर्क साधा। शुरुआत में सामान्य बातचीत के जरिए उसने पीड़िता का विश्वास जीता और धीरे-धीरे उसकी निजी जानकारियाँ और मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। जब आरोपी को लगा कि पीड़िता उसके जाल में पूरी तरह फंस चुकी है, तब उसने अपनी असलियत जाहिर की और दोस्ती को जबरन एक डरावने रिश्ते में बदलने का दबाव बनाने लगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का खौफनाक दुरुपयोग
अपराध के इस नए पैटर्न ने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया है। जब नाबालिग पीड़िता ने आरोपी इब्राहिम की अनुचित मांगों और छेड़छाड़ का विरोध किया, तो उसने उसे चुप कराने के लिए ‘डीप फेक’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया। आरोपी ने पीड़िता की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर अत्यंत आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो तैयार कर लिए। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और परिवार को बदनाम करने की धमकी देकर वह लगातार पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। अपराधी का मुख्य उद्देश्य इन फर्जी वीडियो के जरिए पीड़िता को इतना डराना था कि वह धर्म परिवर्तन की उसकी शर्त को स्वीकार कर ले।
सख्त धाराओं के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने तत्काल प्रभावी कदम उठाए। पीड़िता द्वारा 29 अप्रैल 2026 को कोतवाली लालकुआं में तहरीर देते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई। प्रारंभ में यह मामला छेड़छाड़ और पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन जैसे ही धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की पुष्टि हुई, विवेचना में उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन अधिनियम-2022 की धारा 3(1)/5(1) को भी जोड़ा गया। यह राज्य का वह सख्त कानून है जो किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या जबरन धर्मांतरण को गैर-जमानती अपराध बनाता है। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 व 79 के तहत भी शिकंजा कसा गया है।
पुलिस की घेराबंदी और इब्राहिम की गिरफ्तारी
अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल के कुशल निर्देशन और क्षेत्राधिकारी लालकुआं/हल्द्वानी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया। प्रभारी निरीक्षक लालकुआं बृजमोहन सिंह राणा के नेतृत्व वाली इस टीम ने सर्विलांस सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और अंततः 1 मई 2026 को बाजपुर निवासी इब्राहिम पुत्र नजीर अहमद को लालकुआं क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। 27 वर्षीय यह आरोपी वर्तमान में पुलिस हिरासत में है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया गतिमान है।
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में उप निरीक्षक वन्दना चौहान और उप निरीक्षक जोगेन्द्र यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में शामिल कांस्टेबल दिलीप कुमार, कांस्टेबल कमल बिष्ट, कांस्टेबल अशोक कम्बोज और कांस्टेबल जितेन्द्र बिष्ट ने भी तकनीकी साक्ष्य जुटाने और आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में सराहनीय कार्य किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नैनीताल जनपद में बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर धर्मांतरण या उत्पीड़न जैसे कृत्य करेगा, उसका हश्र जेल की कोठरी ही होगा।


