लगभग 203 टिन चीड़ लीसा बरामद
सीएनई रिपोर्टर। नैनीताल वन प्रभाग ने अवैध लीसा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 203 टिन अवैध चीड़ लीसा बरामद कर जब्त किया है। वन विभाग की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर सुनसान स्थान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में लीसा कब्जे में लिया, जिसके बाद अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद के निर्देशन में वन अपराधों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वन क्षेत्राधिकारी, उत्तरी गोला विजय चन्द्र भट्ट के नेतृत्व में प्रभाग स्तरीय विशेष टीम का गठन कर अवैध लीसा तस्करों के विरुद्ध अभियान चलाया गया।

वन विभाग को सायंकाल मुखबिर से सूचना मिली कि भीमताल–बेतालघाट–कालापातल मोटर मार्ग पर दसमोली बैण्ड से लगभग एक किलोमीटर ऊपर पावरी की ओर स्थित एक सुनसान एवं पुराने मकान में बड़ी मात्रा में अवैध लीसा रखा गया है। सूचना मिलते ही विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 203 टिन अवैध चीड़ लीसा बरामद कर उसे कब्जे में ले लिया। विभाग ने जब्त लीसा को सीज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है।
वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि एक सप्ताह पूर्व ही रानीबाग फॉरेस्ट चेक पोस्ट पर अवैध लीसा से भरा एक ट्रक पकड़ा गया था। लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई को लीसा माफियाओं के खिलाफ विभाग की सख्त रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी विजय चन्द्र भट्ट ने बताया कि नैनीताल वन प्रभाग के समूचे क्षेत्र में वन विभाग की पैनी निगरानी जारी है तथा वन अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान निरंतर चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वन अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध वन कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान में वन क्षेत्राधिकारी विजय चन्द्र भट्ट के साथ बृजेश विश्वकर्मा (वन दरोगा), प्रदीप कुमार मौर्य (वन दरोगा), रमेश चन्द्र सिंह (वन आरक्षी), सुनील प्रसाद (वन आरक्षी), विपिन बिष्ट (वन आरक्षी), अभय कुमार (वन आरक्षी), अनिल सिंह बोरा (वन आरक्षी), मनोज कंडा (वाहन चालक), पंकज सिंह रैकवाल, रोहित सिंह, कुन्दन प्रसाद, गौरव सिंह बर्गली, नीरज कुमार तथा नन्द किशोर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


