सीएनई रिपोर्टर, जागेश्वर। चित्रगुप्त पीठ लाल बाबा सनातन धर्म प्रचार के लिए पहलगाम (Pahalgam) में अखंड रामायण (Akhand Ramayan) का पाठ कर वापस जागेश्वर धाम (Jageshwar Dham) लौट आए हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह पहलगाम वही ऐतिहासिक स्थान है, जहां अतीत में आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों की धर्म पूछकर नृशंस हत्या कर दी थी।

पहलगाम यात्रा: शांति और श्रद्धा का संदेश
महामंडलेश्वर जागेश्वर धाम के अनुसार, उनकी इस विशेष यात्रा का शुभारंभ 22 सितंबर को जागेश्वर धाम से हुआ था। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए 22 पर्यटकों की आत्मा की शांति था।

01 अक्टूबर (नवमी के दिन) पहलगाम में अखंड रामायण का आयोजन किया गया और 02 अक्टूबर को इसका पारायण (समापन) हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जागेश्वर धाम से 11 सदस्यों ने हिस्सा लिया। महामंडलेश्वर लाल बाबा ने पहलगाम मंदिर (गौरी शंकर) में सुंदर कांड का पाठ भी किया और शांति के लिए हरिद्वार से लाए गए गंगा जल का छिड़काव किया।

सनातन धर्म के प्रचार में तीन दशक
लाल बाबा का कहना है कि वह पिछले लगभग तीस वर्षों से सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वह श्रीराम कथा, रामायण, श्रीमद्भागवत, शिव महापुराण आदि के आयोजन के साथ-साथ पैदल यात्रा और तिरंगा यात्रा के माध्यम से धर्म संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हैं।
हाल ही में, उन्होंने 22 सितंबर 2025 से 02 अक्टूबर 2025 तक विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम से लाल चौक कश्मीर पहलगाम तक एक तिरंगा यात्रा भी निकाली थी।
इससे पहले, 07 जनवरी 2025 से 07 फरवरी 2025 तक उन्होंने लगभग एक माह की 750 किमी पैदल यात्रा जागेश्वर धाम से नैमिशारण्य, उत्तर प्रदेश तक की थी, जिसमें व्यापक रूप से सनातन धर्म का प्रचार किया गया।
जोरदार स्वागत
दिल्ली से लौटने पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महामंडलेश्वर लाल बाबा का स्वागत किया। इसके बाद, जागेश्वर धाम पहुंचने पर आम जनमानस, तमाम गणमान्य जनों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने उनका भव्य और जोरदार स्वागत किया।









