इंटर कालेजों में होगी कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति, 958 पद, यह हैं सेवा शर्तें

सीएनई रिपोर्टर, देहरादून
Appointments on vacant posts of Principals in Government Inter Colleges
शिक्षा विभाग/ Education Department News : – स्कूलों के लिए आया नया आदेश :- प्रदेश के तमाम राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों में प्रधानाचार्यों के वर्तमान में रिक्त चल रहे 958 पदों पर कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति का आदेश जारी हो गया है।
चिंतनीय पहलू यह है कि वर्तमान में कार्यरत कोई भी प्रधानाध्यापक प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हेतु निर्धारित अर्हकारी सेवा अथवा शिथिलीकरण हेतु आवश्यक अर्हकारी सेवा भी पूर्ण नहीं करता है। अतएव शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शासन को कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा उत्तराखण्ड ननूरखेड़ा, देहरादून ने समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का आदेश पत्र जारी किया है।
जिसमें कहा गया है कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी शासनादेश तिथि 18 मई, 2022 द्वारा अवगत कराया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्राविधान विद्यालयों में उन्नत शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विद्यालयों में शैक्षिक नेतृत्व को महत्वपूर्ण मानते हैं। शिक्षण संस्थाओं में प्रधानाचार्य की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है। प्रधानाचार्य टीम लीडर के रूप में विद्यालय के मानव संसाधन विशेषकर शैक्षणिक वर्ग को प्रोत्साहित करने की भूमिका निभाते हैं। राजकीय इण्टर कालेजों में प्रधानाचार्यों के न होने के कारण विद्यालय अनुशासन, छात्रहित एवं शैक्षिक प्रगति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा है कि प्रधानाचार्य के कुल स्वीकृत 1386 पदों के सापेक्ष 958 पद रिक्त हैं, जबकि वर्तमान में कार्यरत कोई भी प्रधानाध्यापक प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हेतु निर्धारित अर्हकारी सेवा अथवा शिथिलीकरण हेतु आवश्यक अर्हकारी सेवा भी पूर्ण नहीं करता है। ऐसी स्थिति में छात्रहित व शैक्षणिक हित में राजकीय इंटर कालेजों व राजकीय बालिका इण्टर कालेजों में प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या के रिक्त पदों पर नितांत अस्थाई व्यवस्था के अन्तर्गत निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वर्तमान प्रधानाध्यापकों को कार्यवाहक प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या के रूप में तैनात किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
यह हैं सेवा शर्तें —
वर्तमान में मौलिक रूप से नियुक्त प्रधानाध्यापकों/ प्रधानाध्यापिकाओं से राजकीय इंटर कालेजों में कार्यवाहक प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या बनाये जाने हेतु इस आशय का नोटरी शपथ पत्र प्राप्त कर लिया जाय कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य/ प्रधानाचार्या के रूप में कार्य करते हुए उनके द्वारा प्रधानाचार्य/ प्रधानाचार्या के वेतन भत्ते की मांग भविष्य में नहीं की जायेगी। जो प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका उक्त आशय का नोटरीकृत शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं करेंगे उनको छोड़ते हुए शेष प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका, जिन्होंने शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, को कार्यवाहक प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाचार्या बनाया जायेगा।
कार्यवाहक प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या के रूप में तैनाती वर्तमान तैनाती विद्यालय के समीपस्थ विद्यालय में ही की जाएगी।
कार्यवाहक प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या के रूप में तैनाती करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उनकी विगत 05 वर्षों में कोई प्रतिकूल प्रविष्टि न हो अथवा उनकी सत्यनिष्ठा भी संदिग्ध न हो।
उक्तानुसार की गई व्यवस्था लोक सेवा अधिकरण द्वारा निर्देश याचिका संख्या 41/2019 एवं संख्या 52/2019 प्रेमलता बौड़ाई बनाम राज्य सरकार में पारित निर्णय दिनांक 21-04-2022 को ध्यान में रखते हुए सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उक्तानुसार शासन द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में मौलिक रूप से नियुक्त प्रधानाध्यापकों व प्रधानाध्यापिकाओं से राजकीय इण्टर कालेजों में कार्यवाहक प्रधानाचार्य या प्रधानाचार्या बनाये जाने हेतु नोटरी शपथ पत्र प्राप्त किए जाने संबंधी नोटरी शपथ पत्र का प्रारूप भी संलग्न किया गया है। उक्त शपथ पत्र प्राप्त कर तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा।