लखनऊ विश्वविद्यालय से पूर्ण किया शोध
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। महोली गांव के निवासी कमलेश कृष्ण को डाक्टरेट की उपाधि मिली है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विभाग के अंतर्गत मिथ्स फोकलोर एंड बिलीफ्स आफ कुमायूं: रीडिंग्स इन सेलेक्ट कल्चरल टेक्स्ट, विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया है।

इस अवसर पर उनके शोध पर्यवेक्षक, प्रोफेसर मैत्रेई प्रियदर्शिनी ने उनके इस विशिष्ट कार्य के लिए उनकी सराहना की। प्रोफेसर विकास शर्मा (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ) उनके इस शोध में विषय विशेषज्ञ के रूप में रहे। उन्होंने उत्तराखंड के कुमायूं मंडल के सांस्कृतिक विरासत तथा कला पर किए गए इस शोध को भविष्य में नई पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक संरक्षण का एक प्रमुख स्रोत माना।
डा. कमलेश कृष्ण वर्तमान में राप्रावि गडेरा में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। उनकी उपलब्धि पर पिता खुशाल राम, माता लक्ष्मी देवी आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

