सगे भाई गजब सिंह और सीता राम निकले स्मैक के सौदागर !
CNE REPORTER, Haldwani : नैनीताल पुलिस ने नशे के सौदागरों पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार करते हुए लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपये मूल्य की 618 ग्राम स्मैक बरामद की है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और काठगोदाम पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए राजस्थान से आए दो सगे भाइयों को इस भारी खेप के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मन्जूनाथ टीसी के निर्देशन में हुई इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने उत्तराखंड में सक्रिय नशा तस्करों के कमर तोड़ कर रख दी है।

गुरुवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर काठगोदाम थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम ने काठगोदाम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान पश्चिमी खेड़ा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग के निकट से दो संदिग्धों को घेराबंदी कर रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 618 ग्राम स्मैक (डाईएसोटाईल मोर्फिन), एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई औरा कार (आरजे 05-सीसी-8027) बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोतवाली काठगोदाम में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस) की धारा 8/21/60 के तहत प्राथमिकी संख्या 75/26 दर्ज की है।
ड्रग फ्री मिशन के तहत सख्त एक्शन
यह बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री के “मिशन ड्रग फ्री देवभूमि” ऑपरेशन प्रहार को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से की गई है। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप नैनीताल और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण में नशा माफियाओं के खिलाफ जाल बिछाया गया था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गजब सिंह (उम्र 27 वर्ष) और सीता राम (उम्र 37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गंगो सिंह के पुत्र हैं और अटलबन्द धऊ पासा, भरतपुर, राजस्थान के निवासी हैं। बरामद की गई स्मैक में से गजब सिंह के पास से 311 ग्राम और सीता राम के पास से 307 ग्राम स्मैक मिली है। पूछताछ में आरोपी सीता राम ने खुलासा किया कि गजब सिंह उसका सगा भाई है जो भरतपुर में आरओ प्लांट में काम करता है। सीता राम खुद एक टैक्सी चालक है और उसकी ससुराल जाड़ापानी मुक्तेश्वर में है। दोनों आरोपी अपने मामा की टैक्सी लेकर राजस्थान से हल्द्वानी पहुंचे थे। उनकी योजना काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर किसी अज्ञात व्यक्ति को स्मैक की डिलीवरी देकर मुक्तेश्वर ससुराल जाने की थी।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों में से गजब सिंह शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ राजस्थान के अटलबन्द थाने में आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। इसमें वर्ष 2020, 2022 और 2023 में राजस्थान आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं, जबकि वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। दूसरे आरोपी सीता राम के आपराधिक इतिहास की जानकारी पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है।
वर्ष 2026 में नैनीताल पुलिस का नशा विरोधी रिपोर्ट कार्ड
इस वर्ष नैनीताल पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
- स्मैक: कुल 31 मुकदमे दर्ज कर 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 6 अरब 54 करोड़ 58 लाख 80 हजार रुपये मूल्य की 2 किलो 181 ग्राम 906 मिलीग्राम स्मैक बरामद हुई।
- चरस: कुल 11 मुकदमे दर्ज कर 18 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनसे 12 लाख 11 हजार 800 रुपये मूल्य की 11 किलो 59 ग्राम चरस मिली।
- गांजा: कुल 05 मामलों में 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 लाख 15 हजार 150 रुपये मूल्य का 48 किलो 606 ग्राम गांजा जब्त किया गया।
- डोडा: 02 मुकदमे दर्ज कर 03 आरोपियों से 1 लाख 1 हजार 685 रुपये मूल्य का 20 किलो 337 ग्राम डोडा बरामद हुआ।
- नशीले इंजेक्शन: कुल 12 मामलों में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर 51 हजार 150 रुपये मूल्य के 1023 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
शानदार सफलता पर पुलिस टीम को नकद इनाम
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान, प्रभारी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप नैनीताल मोहन सिंह सौन, हेड कांस्टेबल कुन्दन कठायत, हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, कांस्टेबल टीका राम, कांस्टेबल अशोक रावत, कांस्टेबल भानु प्रताप, कांस्टेबल अनिल गिरी और कांस्टेबल अरविन्द बिष्ट शामिल रहे। इस सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल ने पूरी पुलिस टीम को 2500 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।


