एकमात्र केंद्र पर उमड़ा वाहनों का सैलाब
सांस्कृतिक नगरी में गहराया संकट, पर्यटन सीजन और मेंटेनेंस कार्य ने बिगाड़ा गणित
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। पहाड़ों की रानी और प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा इन दिनों एक अभूतपूर्व ईंधन संकट से जूझ रही है। गुरुवार को शहर की रफ्तार उस वक्त थम गई जब मुख्यालय के पांच प्रमुख पेट्रोल पंपों में से चार पूरी तरह ‘शोपीस’ बन गए। पर्यटकों की भारी आमद और तकनीकी कारणों से ठप हुई आपूर्ति ने स्थानीय निवासियों और मुसाफिरों को दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया।
शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत का आलम यह रहा कि जिला अस्पताल, धारानौला और शिखर तिराहे स्थित पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लटक गए। पूरा दबाव पांडेखोला स्थित एकमात्र संचालित पंप पर आ गया।
- जाम की स्थिति: पांडेखोला पंप पर सुबह से ही वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
- यातायात ठप: ईंधन भरवाने की होड़ के कारण लक्ष्मेश्वर से लेकर विकास भवन तक सड़क पूरी तरह ब्लॉक रही, जिससे सामान्य यातायात घंटों तक प्रभावित रहा।
- दोहरी मार: माल रोड (शिखर तिराहे) और पांडेखोला के एक अन्य पंप पर नवीनीकरण का कार्य चलने के कारण आपूर्ति पहले से ही सीमित थी, जो इस संकट का मुख्य कारण बनी।
शिक्षा पर संकट: स्कूल बसों के थमे पहिए
ईंधन की इस किल्लत ने केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि स्कूली व्यवस्था को भी अपनी चपेट में ले लिया है।
- अभिभावकों की चिंता: डीजल न मिलने के कारण कई निजी स्कूलों की बसों का संचालन प्रभावित हुआ है।
- प्रभाव: यदि आपूर्ति शीघ्र बहाल नहीं हुई, तो आगामी दिनों में स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। अभिभावकों ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर स्कूली वाहनों के लिए तेल सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष: ‘किल्लत नहीं, बस व्यवस्था में देरी’
हालात को बेकाबू होते देख जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन का कहना है कि जिले में ईंधन का कोई वास्तविक अभाव नहीं है, बल्कि यह एक अस्थायी तकनीकी समस्या है।
“जनपद में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। दो पंपों पर मेंटेनेंस (रखरखाव) का कार्य चल रहा था, जिस कारण अस्थायी दबाव बढ़ा है। आज शाम या कल सुबह तक आपूर्ति शत-प्रतिशत सामान्य कर दी जाएगी। जनता से अपील है कि वे पैनिक न करें और अनावश्यक भंडारण से बचें।”
— करुणा पंत, जिला पूर्ति अधिकारी, अल्मोड़ा
मुख्य बिंदु: संकट के पीछे के कारण
| कारण | विवरण |
| मेंटेनेंस | शहर के 2 प्रमुख पंपों पर सुधारीकरण का कार्य जारी। |
| पर्यटन | सीजन के कारण वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी। |
| डिमांड-सप्लाई | आपूर्ति सीमित होने और मांग बढ़ने से स्टॉक जल्द समाप्त हुआ। |
फिलहाल शहरवासी अगले 24 घंटों पर नजरें टिकाए हुए हैं। प्रशासन के दावों और धरातल की हकीकत के बीच आम जनता और पर्यटक तेल की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


