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अल्मोड़ा: जल संरक्षण एवं जल स्रोतों को पु​नर्जिवित करने के उपायों पर मंथन

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✍️ ग्रीन हिल्स संस्था द्वारा ‘वारि विमर्श: जल पर चर्चा’ विषयक गोष्ठी आयोजित

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: वर्षा जल का संचय और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देकर और हरियाली लाकर जल संरक्षण किया जा सकता है। इससे सूख रहे जल स्रोतों को रिचार्ज किया जा सकता है। मगर सभी संगठनों को इसके लिए आगे आकर कार्य करना होगा। यह बात आज वक्ताओं ने शिखर होटल में ग्रीन हिल्स संस्था द्वारा आयोजित ‘वारि विमर्श जल पर चर्चा’ विषयक गोष्ठी में कही।

गोष्ठी के बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी विनीत तोमर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ही जल स्रोत धारे-नौले सूख रहे हैं। इन्हें वर्षा जल को संचय करके और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिये रिचार्ज किया जा सकता है। वक्ताओं ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का महत्व भी समझाया। गोष्ठी का संचालन करते हुए ग्रीन हिल्स संस्था की सचिव डा. वसुधा पंत ने कहा कि हमें जल संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी संगठनों के साथ कार्य करना होगा। साथ ही वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करना होगा तभी हम जल का संचय कर पायेंगे। उन्होंने समाज के सभी संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करें। इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने भी जल स्रोतों के स्तर में कमी या उनके सूखने पर चिंता जताई और इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।

गोष्ठी में पदम श्री ललित पांडे, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, प्रो. जीवन सिंह रावत, व्यापार मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व निदेशक जीएसआई विजय जोशी, मोहन चन्द्र काण्डपाल, जेसी दुर्गापाल, जिला परियोजना अधिकारी रंजीता जीना सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मनोहर सिंह नेगी, रूप सिंह बिष्ट, भूषण पांडे, किशन चंद गुरुरानी, लता पांडे, ममता पंत, विनोद तिवारी, संजय साह, राधा तिवारी, डॉ. निर्मल कुमार, संजय पांडे, डॉ. निर्मल कुमार पंत, भूपेंद्र वल्दिया, भुवन चंद्र मिश्रा, आशिष वर्मा, डॉ. दीपा गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।

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