कड़े मुकाबले में खिला कमल
नैनीताल। लंबे सियासी ड्रामे और उठापटक के बीच आखिरकार नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव परिणाम मंगलवार को घोषित हो गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशी दीपा दरम्वाल ने कांग्रेस की प्रत्याशी पुष्पा नेगी को महज़ एक वोट से हराकर जीत दर्ज की। परिणाम सामने आते ही भाजपाईयों में खुशी की लहर दौड़ गई।

पांच दिन बाद आया परिणाम, मामला कोर्ट में विचाराधीन
नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 14 अगस्त को मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव के बाद कुछ सदस्यों के गायब होने और “रेन कोट” विवाद के चलते कांग्रेस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इस वजह से मतगणना को रोक दिया गया था और नतीजे डबल लॉकर में सील कर दिए गए थे। हालांकि, कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने मंगलवार 19 अगस्त को परिणाम घोषित कर दिया। मतगणना के बाद भाजपा की दीपा दरम्वाल को 11 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की पुष्पा नेगी को 10 वोट। एक वोट रद्द हो गया। इस तरह दीपा दरम्वाल ने एक वोट से यह चुनाव जीत लिया।
कौन हैं दीपा दरम्वाल?
दीपा दरम्वाल के लिए राजनीति कोई नई बात नहीं है। इससे पहले वह हल्द्वानी विकास खंड में क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। उनके परिवार को राजनीति विरासत में मिली है। उनके ससुर प्रेम सिंह दरम्वाल 27 साल तक ग्राम प्रधान रहे, जबकि उनके पति आनंद सिंह दरम्वाल तीन बार बीडीसी सदस्य, एक बार ब्लॉक प्रमुख और एक बार जिला पंचायत उपाध्यक्ष रह चुके हैं। पति के बाद अब दीपा दरम्वाल सीधे जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंची हैं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, बीजेपी ने जताई खुशी
परिणाम आने के बाद भाजपा खेमे में जश्न का माहौल है। सांसद अजय भट्ट और जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने दीपा दरम्वाल को बधाई दी और इसे जनता की जीत बताया। वहीं, कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक सुमित ह्रदयेश ने आरोप लगाया है कि सरकार के दबाव में कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद परिणाम घोषित किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग की है।
उपाध्यक्ष पद पर टॉस से फैसला
जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर भी मुकाबला बेहद करीबी रहा। इस पद के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों को बराबर वोट मिले। इसके बाद टॉस कराया गया, जिसमें कांग्रेस की देवकी बिष्ट विजयी रहीं।

