जयकारों से गूंजी कत्यूर घाटी
CNE REPORTER : ‘अपनी धरोहर’ संस्था द्वारा आयोजित तृतीय श्री गोलज्यू संदेश यात्रा जब जनपद बागेश्वर के गरुड़ पहुंची, तो पूरी कत्यूर घाटी न्याय के देवता गोलज्यू के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। स्थानीय समिति और श्रद्धालुओं ने कुमाऊंनी संस्कृति की झलक पेश करते हुए पारंपरिक परिधानों में यात्रा का स्वागत किया। ढोल-दमाऊ की थाप और पुष्प वर्षा के बीच भक्तों ने मंगल तिलक लगाकर यात्रा दल का अभिनंदन किया। इस अवसर पर खोलिया विवेकानंद इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने घोष के साथ भव्य रैली निकाली, जिससे वातावरण पूरी तरह गोलज्यूमय हो गया।



ग्वालदम के रास्ते गरुड़ स्थित गर्भ गोलज्यू मंदिर पहुंची इस यात्रा में भक्ति का चरम स्वरूप देखने को मिला। पंडित कृपाल दत्त लोहुमी और दिनेश लोहुमी द्वारा संपन्न कराई गई विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में देव डांगर अवतरित हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वाद दिया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस दौरान स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तनों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के समापन पर सैकड़ों भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया, जबकि गागरीगोल में भी यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ।
गरुड़ के पश्चात यात्रा बागेश्वर स्थित बाजारी गोलू मंदिर पहुंची। यहाँ भी देव अवतरण के साथ ही पूरा परिसर धार्मिक उल्लास में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद यात्रा दल ने ऐतिहासिक बाबा बागनाथ मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। यात्रा का अगला पड़ाव कांडा का भंडारी गोलू मंदिर रहा, जहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। दिन भर के कार्यक्रमों के बाद यात्रा दल रात्रि विश्राम हेतु प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर की ओर प्रस्थान कर गया।
3500 किलोमीटर लंबी सांस्कृतिक यात्रा का उद्देश्य
प्रदेश संयोजक विजय भट्ट और जिला संयोजक भुवन कांडपाल ने यात्रा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह विशाल संदेश यात्रा 19 अप्रैल को चंपावत से शुरू हुई थी। लगभग 3500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह यात्रा हरिद्वार, बद्रीनाथ और ग्वालदम जैसे पवित्र स्थलों से होकर बागेश्वर पहुंची है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति और धार्मिक विरासत का संरक्षण करना है। यह यात्रा आगामी 9 मई तक अनवरत जारी रहेगी।
इस भव्य आयोजन में धरोहर संस्था के अध्यक्ष विजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया सहित अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं। स्थानीय स्तर पर नंदन सिंह अल्मिया, हरीश जोशी, भुवन कांडपाल और चक्रव्रतेश्वर मंदिर के पुजारी निरंजन गिरी महाराज जैसे गणमान्य लोगों ने व्यवस्थाएं संभालीं। कार्यक्रम में भारी संख्या में मातृशक्ति और स्थानीय युवाओं ने भाग लेकर अपनी लोक संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट की।


