प्रशासनिक ढांचे का सुदृढ़ीकरण और नियुक्तियां
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर : जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी के विशेष प्रयासों और निर्देशों के बाद अब शामा उप-तहसील में विधिवत कार्य संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।


शामा उप-तहसील को क्रियाशील बनाने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यालय के सुचारू संचालन के लिए नायब तहसीलदार भूपाल गिरी की तैनाती की गई है। उनके साथ ही प्रशासनिक कार्यों में सहायता और त्वरित निष्पादन के लिए दो लिपिकों को भी नियुक्त कर दिया गया है। इस टीम के कार्यभार संभालने से अब राजस्व फाइलों और जनशिकायतों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।
स्थानीय निवासियों के समय और धन की बचत
अब तक शामा और आसपास के ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों जैसे आय, जाति, और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबी दूरी तय कर तहसील कपकोट जाना पड़ता था। भौगोलिक विषमताओं के कारण इसमें न केवल पूरा दिन व्यर्थ होता था, बल्कि आर्थिक बोझ भी पड़ता था। उप-तहसील में कामकाज शुरू होने से अब ये सभी सेवाएं ग्रामीणों के द्वार पर उपलब्ध होंगी। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें प्रमाण पत्रों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर काटने पड़ते थे।
सुरक्षा एवं अनुशासनात्मक व्यवस्था के कड़े प्रबंध
उप-तहसील परिसर में कानून व्यवस्था, सुरक्षा और कार्यालयीन अनुशासन को बनाए रखने के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रशासन की ओर से यहाँ होमगार्ड और पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) के जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी से न केवल कार्यालय का संचालन व्यवस्थित रहेगा, बल्कि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को भी एक सुरक्षित और अनुशासित वातावरण प्राप्त होगा।
सुलभ न्याय और त्वरित सेवा का लक्ष्य
शामा उप-तहसील का पूर्ण रूप से सक्रिय होना राज्य सरकार की उस मंशा को दर्शाता है जिसमें प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल विकास कार्यों की निगरानी बेहतर होगी, बल्कि राजस्व वादों के निस्तारण में भी तेजी आएगी। आने वाले दिनों में यहाँ अन्य जन-कल्याणकारी सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है, जिससे यह क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके।


