खनन मलबे से पेयजल संकट और रास्ता ध्वस्त
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिले के सिमखेत गांव की महिलाओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर पानी और रास्ते की समस्या को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि खड़िया खनन का मलबा उनके प्राकृतिक जलस्रोत और रास्तों पर गिर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन से निकला मलबा वर्षा के कारण पानी की टंकी और स्रोतों में भर गया है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। महिलाएं व बुजुर्ग गधेरे का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पेट संबंधी बीमारियां फैल रही हैं।
इसके अलावा, खनन मलबे से घिंघारतोला बाजार को जोड़ने वाला गांव का एकमात्र रास्ता भी ध्वस्त हो गया है। ऐसे में वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रदर्शन में शांति देवी, दीपा तिवारी, उमा तिवारी, ऊषा तिवारी, राधा तिवारी, चंपा तिवारी, सोनी तिवारी, दीपा देवी, हंसी देवी और लीलावती सहित दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं।

