अल्मोड़ा: पारंपरिक मोटे अनाजों से बनाया लजीज भोजन, मेहमानों को परोसा

👉 77वीं यूके एनसीसी बटालियन का ‘मिलेट्स फ़ूड फेस्ट 2023’👉 कैडेटों की प्रशंसा और पारंपरिक भोजन अपनाने पर जोर सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना…

पारंपरिक मोटे अनाजों से बनाया लजीज भोजन, मेहमानों को परोसा

👉 77वीं यूके एनसीसी बटालियन का ‘मिलेट्स फ़ूड फेस्ट 2023’
👉 कैडेटों की प्रशंसा और पारंपरिक भोजन अपनाने पर जोर

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में आज 77वीं यूके एनसीसी बटालियन के कैडेट्स ने कुमाऊं के परंपरागत मोटे अनाजों से लजीज भोजन तैयार कर मेहमानों को परोसा और पारंपरिक अनाजों से तैयार भोज्य पदार्थों को अपनाने का संदेश​​ दिया। यह मौका था ‘मिलेट्स फ़ूड फेस्ट 2023’ का। जो एनसीसी बटालियन ने इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स के तहत आयोजित किया था।

सभी अति​थियों ने कुमाऊं के परंपरागत मोटे अनाजों से तैयार लजीज भोजन लिया और मुक्तकंठ से इसकी प्रशंसा की। उन्होंने कुमाऊं के पारंपरिक अनाजों से तैयार भोज्य पदार्थों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के संयोजक कैप्टन (डॉ.) देवेंद्र सिंह बिष्ट (एएनओ, 77 यू के एनसीसी बटालियन) ने बताया कि मोटा अनाज वर्ष के तहत यह कार्यक्रम आयोजित है। जिसका उद्देश्य मोटे अनाजों को भोज्य पदार्थों को अपनाने का संदेश देना और इसके फायदों से जागरूक करना है। फेस्ट में एनसीसी बटालियन के कैडेट्स ने मेहनत से परम्परागत मोटे अनाजों से लजीज भोजन तैयार किया। मोटे अनाजों से बने भोजन का स्टॉल लगाया। इस स्टाल में झुंगर का भात, राजमा, मड़ुवे की रोटी, सादा चावल, दुबवा व रायता इत्यादि भोज्य पदार्थ शामिल रहे। जिनका तमाम लोगों ने बड़े चाव से स्वाद लिया।

इससे पहले मुख्य अतिथि एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा के निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट व विशिष्ट अतिथि कमांडिंग आफीसर 77 यूके बटालियन के लेफ्टीनेंट कर्नल नंदा बल्लभ पनेरू, अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. शेखर चन्द्र जोशी, कुलानुशासक डॉ. दीपक आदि ने संयुक्त रुप से रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कैडेट्सों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में अंडर ऑफिसर आर्यन बिष्ट, सीनियर अंडर ऑफिसर मयंक लोहनी, सार्जेंट गौरव पूरी, निशु बहुगुणा, सूबेदार गिरीश चन्द्र, सूबेदार जमन, हवलदार किशन, ससूबेदार प्रदीप पटवाल आदि के साथ बटालियन के समस्त अधिकारी, स्टाफ़, सीनियर अंडर ऑफिसर, कैडेट्स, परिसर के प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी आदि मौजूद रहे।