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पूरा वीडियो यहाँ देखें (30 Sec)सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा


उत्तराखण्ड पुलिस के मुखिया अशोक कुमार (आईपीएस) अपने प्रस्तावित दौरे के तहत रविवार को अल्मोड़ा पहुंचे। यहां वह पुलिस कार्मिक सम्मेलन में पुलिस कर्मियों की समस्याओं से रूबरू हुए, तो जन संवाद में जनता की मुश्किलें जानी और सुझाव लिये। उन्होंने दो टूक कहा कि हर शिकायतकर्ता की शिकायत दर्ज होगी और उस पर प्राथमिकता से कार्यवाही होगी। यह भी कहा कि बिना जन सहयोग के पुलिस कोई भी कार्य पूर्ण नहीं कर सकती। हर समस्या के निदान के लिए जनसहयोग सर्वोपरि है।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने अल्मोड़ा दौरे के तहत यहां पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें उन्होंने पुलिस कार्मिकों की समस्याओं से करीब से सुनी और उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए सम्बन्धित वरिष्ठ अफसरों को निर्देशित किया। उन्होंने पुलिस का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए उनका पूरा प्रयास रहेगा, बशर्ते पुलिस को भी अच्छी पुलिंसिंग कर जनता का विश्वास जीतना होगा। इसके बाद पुलिस महानिदेशक ने शारदा पब्लिक स्कूल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
जन संवाद कार्यक्रम में उनके समक्ष जनता की ओर से नगर की यातायात व्यवस्था एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की समस्या प्रमुखता से रखी गई। यातायात समस्या के संबंध में डीजीपी बोले कि सड़कें सीमित हैं और वाहनों का दबाव हर साल बढ़ रहा है। साथ ही पार्किंग की कमी भी व्यवस्था में आड़े आ रही है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पुलिस को जनता का सहयोग चाहिए। आम जनता के सहयोग से ही व्यवस्था तंदरुस्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग से सटकर बनने वाले भवनों में पार्किंग का प्रावधान होना चाहिए। यह समय की जरुरत है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के संबंध में डीजीपी ने कहा कि इस प्रवृत्ति के खिलाफ अकेले पुलिस नहीं लड़ सकती बल्कि इस पर रोक लगाने के लिए अभिभावकों, स्कूलों तथा पूरे समाज को साथ आना होगा। बच्चों की काउन्सलिंग व नशे के खिलाफ जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निर्देश दिये हैं कि नशे का कोई भी प्रकरण पकड़ में आता है, तो अपराधियों से पूरी सप्लाई चेन की छानबीन की जाय और ऐसे तत्वों की सम्पत्ति जब्त कराई जाए।
डीजीपी ने कहा कि ड्रग्स एवं यातायात की समस्या के अतिरिक्त साइबर क्राइम व महिला सुरक्षा के मामले भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पहले कानून एवं शान्ति व्यवस्था की समस्या सिर्फ मैदानी क्षेत्रों में अधिक रहती थी और पुलिस का अधिक फोकस मैदानी भाग में ही रहता था, लेकिन अब उक्त चारों समस्याओं के मामले में पहाड़ एवं मैदान में फर्क नहीं रह गया है। ऐसे में सभी का जागरूक होना जरूरी है। डीजीपी ने कहा कि हम सब लोग जनता के सेवक हैं तथा जनता की सेवा करने के लिए अपना सर्वस्व लगा रहे हैं। जनता खुशी ही हमारी खुशी है। लेकिन यह भी तय है कि बिना जन सहयोग के कोई भी कार्य पुलिस पूर्ण नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता की शिकायत अवश्य दर्ज होगी और उस पर प्राथमिकता के साथ कार्यवाही की होगी और अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का पूरा प्रयास रहेगा। ऐसे निर्देश प्रदेश की पुलिस को दिए गए हैं। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, पुलिस उपाधीक्षक मातवर सिंह रावत एवं नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
जोशीमठ की घटना पर दुख जतायाः जनपद चमोली के जोशीमठ तपोवन में घटित आपदा को दुःखद बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरे राज्य की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। एसडीआरएफ व पुलिस टीमें वहां पर राहत बचाव कार्य तेजी से कर रही है। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाये रखने की अपील भी की।


