शिक्षक समेत दो अधिकारियों पर POCSO में मुकदमा
NCC प्रशिक्षण के दौरान हुई घटना
CNE REPORTER, उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में एक सरकारी विद्यालय में आयोजित एनसीसी प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं से कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रशिक्षण देने आए दो एनसीसी अधिकारियों और विद्यालय के एक शिक्षक ने छात्राओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हंगामा खड़ा हो गया और आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के साथ मारपीट भी की। पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मनेरी थाना क्षेत्र के एक राजकीय विद्यालय में बुधवार को एनसीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान एक शिक्षक ने एक छात्रा को यह कहकर एनसीसी कक्ष में भेजा कि अधिकारी उसे बुला रहे हैं। आरोप है कि कमरे में मौजूद शिक्षक और एनसीसी अधिकारियों ने छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया और आपत्तिजनक हरकतें कीं।

छात्रा ने हिम्मत दिखाकर बाहर निकल सुनाई आपबीती
बताया जा रहा है कि छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर अपनी कक्षा में पहुंची और रोते हुए महिला शिक्षिका तथा अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। छात्रा की बात सुनते ही विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय लोग स्कूल पहुंच गए।
आक्रोशित लोगों ने आरोपियों को घेरा
घटना से नाराज लोगों ने विद्यालय परिसर में आरोपियों का विरोध किया। इस दौरान हाथापाई की स्थिति भी बनी और दोनों एनसीसी अधिकारियों की कथित तौर पर पिटाई कर दी गई। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और पीड़िता के पिता ने मनेरी थाने में लिखित तहरीर दी।
POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षक और एनसीसी अधिकारियों के खिलाफ POCSO एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एसपी ने कही यह बात
उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर शिक्षक और एनसीसी अधिकारियों के विरुद्ध POCSO एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला अभी जांच के अधीन है। समाचार में वर्णित आरोप पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित हैं। आरोपियों का दोष न्यायालय में विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।



