हल्द्वानी (नैनीताल): हल्द्वानी जेल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि कैदी की तबीयत रास्ते में उस वक्त बिगड़ी जब उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा था। कैदी की मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
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कैदी की मौत, मुख्य बिंदु: क्या है पूरा मामला?
कैदी की पहचान: मृतक उत्तर प्रदेश के बरेली (किला क्षेत्र) का रहने वाला था।
आरोप: कुंडा थाना क्षेत्र (US नगर) में ‘आर्म्स एक्ट’ के तहत जेल में था बंद।
मौत का कारण: लंबे समय से HIV और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था बंदी।
🚑 एम्बुलेंस में मची अफरा-तफरी: कालाढूंगी से वापस लौटना पड़ा
जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे के अनुसार, बंदी की हालत नाजुक होने पर उसे सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) से ऋषिकेश रेफर किया गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था:
रास्ते में बिगड़ी हालत: ऋषिकेश ले जाते समय कालाढूंगी के पास अचानक कैदी की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।
CHC में प्राथमिक उपचार: आनन-फानन में उसे कालाढूंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
STH में मौत: स्थिति न सुधरने पर उसे वापस हल्द्वानी के STH अस्पताल लाया गया, जहाँ सोमवार रात इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।
⚖️ अब आगे क्या?
जेल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस के अनुसार:
“शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।