शनिवार से यातायात के लिए खुलेगा, जुटेगी प्रशासन की टीम
सीएनई रिपोर्टर, अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय जनता के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। इस हाईवे के सबसे संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र क्ववारब के समानांतर तैयार हो रहे बहुप्रतीक्षित क्वॉरब-चौसली लिंक मार्ग (Kwarab-Chaunsli Link Road) का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। इस मार्ग के खुलने से अब भूस्खलन और मलबे के कारण घंटों जाम में फंसने की मजबूरी से निजात मिल जाएगी।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता कुंदन गिरी गोस्वामी ने इस ऐतिहासिक सफलता की पुष्टि की है। सीएनई संवाददाता से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस नवनिर्मित मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह चालू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगामी शनिवार को प्रशासन की पूरी टीम और विभागीय उच्चाधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। प्रशासनिक टीम की अंतिम सहमति और सुरक्षा मानकों को परखने के बाद इस लिंक मार्ग को विधिवत रूप से आम जनता की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
यात्री बसों और छोटे वाहनों को मिलेगी पहली प्राथमिकता
सहायक अभियंता के अनुसार, शुरुआती चरण में इस मार्ग को यात्री बसों और छोटे वाहनों (जैसे कार, एसयूवी और दोपहिया वाहन) के लिए खोला जाना तय हुआ है। इससे हाईवे के मुख्य डेंजर ज़ोन पर वाहनों का दबाव बेहद कम हो जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अल्मोड़ा से हल्द्वानी और हल्द्वानी से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ की ओर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को एक सुरक्षित और सुलभ वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा।
गौरतलब है कि क्ववारब के पास पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा लगातार दरक रहा है, जिससे मामूली बारिश में भी भारी मलबा और पत्थर हाईवे पर आ गिरते हैं। इस वजह से यह मार्ग अबार—बार बाधित हो जाता है, जिससे कुमाऊं के इस लाइफलाइन हाईवे पर जिंदगी पूरी तरह थम जाती है। चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) के समय मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस तक यहाँ फंस जाती थी। अब इस लिंक मार्ग के चालू होने से जनता को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बहुत बड़ी सहूलियत मिलने जा रही है।
मार्ग को खोलने की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया। इस महत्वपूर्ण मौके पर सहायक अभियंता कुंदन गिरी गोस्वामी के साथ जूनियर इंजीनियर (जेई) प्रदीप जोशी और मुख्य ठेकेदार (कांट्रेक्टर) मनोज पाठक भी मौजूद रहे। टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को सराहा और शनिवार को होने वाले प्रशासनिक निरीक्षण के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए हैं।


