सादे कपड़ों में पहुंचे अफसरों ने यात्री बनकर किया स्टिंग ऑपरेशन
CNE REPORTER, हल्द्वानी। शहर में रैपिडो ऐप के जरिए निजी (प्राइवेट) मोटरसाइकिलों से व्यावसायिक रूप से सवारी ढोने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की है। दो दिन तक चले विशेष अभियान में विभाग की टीम ने 18 निजी मोटरसाइकिलों को जब्त (सीज) कर आरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि निजी नंबर प्लेट वाले वाहनों का किराए पर संचालन पूरी तरह अवैध है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष रणनीति अपनाई। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अरविंद पांडेय के निर्देशन में परिवहन कर अधिकारी जगदीशचंद्र, पवन कुमार, अपराजिता पांडे और अनुभा आर्य समेत प्रवर्तन टीम के आरक्षियों को सादे कपड़ों में विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया।
टीम के सदस्यों ने आम यात्रियों की तरह रैपिडो ऐप के माध्यम से बाइक बुक की। जब चालक तय स्थान पर सवारी छोड़ने पहुंचे तो पहले से मौजूद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। जांच में सभी वाहन निजी पंजीकरण वाले पाए गए, जिनका उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा था। इसके बाद 18 मोटरसाइकिलों को सीज कर दिया गया।
निजी नंबर प्लेट से कमाई करना नियमों के खिलाफ
एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद पांडेय ने कहा कि सफेद रंग की नंबर प्लेट पर काले अक्षरों वाले वाहन केवल निजी उपयोग के लिए पंजीकृत होते हैं। ऐसे वाहनों का किराए पर संचालन या व्यावसायिक उपयोग मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को किराए पर ले जाने के लिए केवल पीली नंबर प्लेट वाले अधिकृत व्यावसायिक वाहन ही वैध हैं। ऐप आधारित सेवाओं के माध्यम से भी यदि कोई निजी वाहन सवारी ढोता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और भारी आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
दोबारा पकड़े जाने पर रजिस्ट्रेशन भी हो सकता है निरस्त
परिवहन विभाग ने सभी निजी वाहन स्वामियों और चालकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे अपने वाहनों का उपयोग केवल निजी उद्देश्यों के लिए करें। यदि कोई वाहन भविष्य में दोबारा व्यावसायिक उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके पंजीकरण को निलंबित अथवा निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अवैध रूप से संचालित हो रही परिवहन सेवाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।



