सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी में भालू का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह बोरागांव तोक कॉपा की 45 वर्षीय बसंती देवी पर भालू ने हमला (Bear Attack) कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और भालू को पकड़ने की मांग की है। पिछले दो महीनों में यह तीसरी ऐसी घटना है, जब भालू ने इंसानों पर हमला किया है।
घास काटते वक्त झपटा भालू
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह बोरागांव तोक कॉपा (तल्ला जोहार) की रहने वाली बसंती देवी शाही (45 वर्ष) पर भालू ने हमला कर दिया। महिला घर के पास घास काट रही थी, तभी अचानक भालू ने उस पर झपट्टा मारा। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि बसंती देवी घर पर अकेली रहती थीं। उनके पति त्रिलोक सिंह कंपनी में बाहर कार्यरत हैं, जबकि दोनों बेटे भी काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं।
क्षेत्र प्रमुख कविता महर और क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह धर्मशक्तू ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि ग्रामीणों को भालू के आतंक से राहत मिल सके।
इससे पहले भी मुनस्यारी तहसील के मेसरकुंड में एक पशुपालक कुंदन सिंह खत्री पर भालू ने हमला कर दिया था। कुंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन साहस दिखाते हुए उन्होंने भालू से भिड़कर अपनी जान बचाई थी। वहीं हाल ही में पिथौरागढ़ के थलकेदार जंगल के पास चामी गांव में भी एक भालू के घुसने से ग्रामीणों में डर फैल गया था।
चार साल का है हमलावर भालू
इधर घटना के बाद वन विभाग की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद भालू को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। डीएफओ आशुतोष सिंह के अनुसार, पकड़ा गया भालू लगभग चार वर्ष का है और जंगल से भटककर आबादी में पहुंच गया था। वन विभाग ने भालू का प्राथमिक इलाज कर उसे निगरानी में रखा है।
