अस्पताल की पर्ची कटवाते समय बिगड़ी तबीयत
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर जनपद बागेश्वर के मुख्य चिकित्सालय से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ उपचार के लिए आए एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। अस्पताल की चौखट पर हुई इस आकस्मिक मृत्यु से मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।


मिली जानकारी के अनुसार, कपकोट तहसील के होराली बनलेख निवासी 47 वर्षीय हरीश बिष्ट पुत्र हयात सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। मंगलवार को वह अपने बेटे के साथ जिला अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में पंजीकरण काउंटर पर जब उनका बेटा उपचार के लिए पर्ची कटवा रहा था, तभी अचानक हरीश बिष्ट की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उन्हें खून की उल्टियां शुरू हो गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया। ड्यूटी पर तैनात डॉ. मेधा और उनकी टीम ने मरीज को बचाने के लिए तुरंत उपचार प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, स्थिति इतनी नाजुक थी कि तमाम प्रयासों के बावजूद हरीश बिष्ट के शरीर ने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया और उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
अत्यधिक रक्तस्राव बना मौत का कारण
इस दुखद घटना के संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. मेधा ने बताया कि मरीज को जब इमरजेंसी में लाया गया था, तब उनकी हालत काफी चिंताजनक थी। उन्हें लगातार ‘हेमेटेमेसिस’ (खून की उल्टी) हो रही थी। चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव के कारण मरीज का शरीर शॉक में चला गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल टीम ने हर संभव जीवन रक्षक प्रयास किए, लेकिन रक्त की भारी कमी और स्थिति की गंभीरता के चलते उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बुखार से पीड़ित थे मृतक
परिजनों ने बताया कि हरीश बिष्ट पिछले दो दिनों से सामान्य बुखार से पीड़ित थे। उन्हें उम्मीद थी कि अस्पताल में उपचार मिलने के बाद उनकी तबीयत में सुधार होगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस असमय मौत से मृतक के गांव होराली बनलेख में भी मातम छाया हुआ है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


