नर्सिंग की जननी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर जनपद के मुख्य जिला चिकित्सालय में ‘अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग डे’ पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ ने आधुनिक नर्सिंग की जन्मदाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल के पदचिह्नों पर चलने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने का सामूहिक संकल्प लिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ नर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष मुन्नी खेतवाल की अध्यक्षता में हुआ। उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने ‘लेडी विद द लैंप’ के नाम से विख्यात फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नर्सिंग जगत का प्रेरणापुंज बताया।
इस वर्ष नर्सिंग डे की थीम “हमारी नर्से, हमारा भविष्य: सशक्त नर्से बचाती हैं जान” पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष मुन्नी खेतवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस थीम को सार्थक करने के लिए सभी नर्सों को और अधिक ऊर्जा और कुशलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि विषम परिस्थितियों में भी मरीजों की जान बचाना और उनकी मुस्कुराहट वापस लाना ही एक नर्स का वास्तविक लक्ष्य होना चाहिए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नर्सिंग पेशे की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि नर्स किसी भी चिकित्सा संस्थान और स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे मजबूत नींव होती हैं। डॉक्टर उपचार की दिशा तय करते हैं, लेकिन मरीज की 24 घंटे देखभाल और उसे जीवनदान देने में नर्सों का सेवाभाव सर्वोपरि रहता है। वक्ताओं ने कहा कि नर्सें न केवल उपचार करती हैं, बल्कि मानसिक रूप से टूट चुके मरीजों को संबल भी प्रदान करती हैं।
कार्य के बढ़ते बोझ और सुरक्षा पर जताई चिंता
जहाँ एक ओर सेवा का जज्बा दिखा, वहीं दूसरी ओर नर्सों ने अपनी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने खेद जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में नर्सों पर कार्य का बोझ अत्यधिक बढ़ गया है, जिसके अनुपात में उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नर्सिंग स्टाफ की कार्यक्षमता को देखते हुए वर्कलोड कम किया जाए और कार्यस्थल पर उचित सम्मान व पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
समारोह के दौरान नर्सिंग जगत से जुड़ी कई हस्तियां और कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से भारती रस्तोगी, जानकी जनोटी, अरुणा जॉन, अनीता जोशी, अभिलाषा भाकुनी, अंकिता सिंह, उमा कोहली, रेनू मेहरा, दीपा मेहता, ममता परिहार, संगीता सिंह, गीतांजलि जोशी, पूनम चुनेरा, दीप्ति जोशी, ज्योति पाठक, मीना हरकोटिया, विमला खेतवाल और योगेश धर्मसतू आदि शामिल थे। कार्यक्रम का समापन सभी नर्सों द्वारा मरीजों की बेहतर सेवा करने की शपथ के साथ हुआ।


