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AnyDesk Scam : रिस्की है Download करना एनीडेस्क एप (Anydesk App)

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✒️ जानिए, हल्द्वानी में Download करते ही कैसे खाते साफ हुए 12 लाख !

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। AnyDesk Scam : पुलिस व मीडिया द्वारा लगातार आगाह किए जाने के बाजवूद लोग साइबर ठगों के चंगुल में बार-बार फंस जाते हैं। ताजा मामला हल्द्वानी का है, जहां एक व्यक्ति को अपने मोबाइल पर एनीडेस्क एप (Anydesk App) डाउनलोड करना बहुत महंगा पड़ गया। उसके खाते से 12 लाख से अधिक की रमक साफ हो गई है।

Is AnyDesk Safe To Download?
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गंभीरता से समझें कितना खतरनाक है एनीडेस्क एप

उल्लेखनीय है कि वैसे तो एनीडेस्क एप एक बेहद उपयोगी साफ्टवेयर है। इस एप का प्रयोग एक मोबाइल/लैपटॉप या कम्प्यूटर से दूसरे किसी भी डिवाइस में जुड़ने के लिए होता है। दुर्भाग्य से इस एप का प्रयोग लंबे समय से साइबर क्रिमनल करने लगे हैं। ठगी का तरीका बेहद आसान है। पहले यह आपको फोन कर प्रलोभन में लेते हैं। फिर अपने मोबाइल पर एनी डेस्क एप (Anydesk App) डाउनलोड करने को कहते हैं। एक पिन जैनरेट होता है। जो यह अपनी बातों में फंसा आप से ले लेते हैं। इसके बाद आपके मोबाइल फोन डिवाइज की पूरी डिटेज व आपरेटिंग सिस्टम एक अन्य अज्ञात व्यक्ति (साइबर क्रिमनल) के हाथ में आ जाता है। फिर वो आपके खाते से सारी धनराशि साफ कर लेता है। अतएव जरूरी है कि किसी भी हाल में किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर यह एप डाउनलोड न करें।

The Latest AnyDesk Scam

हल्द्वानी में घटा या मामला

इधर हल्द्वानी में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के एनीडेस्क एप डाउनलोड करते ही उसके 12 लाख रुपये से अधिक की धनराशि साफ कर ली। पीड़ित ने पुलस में तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

तहरीर में जेल रोड निवासी विजय सांगुडी ने बताया है कि उन्होंने एनीडेस्क (Anydesk) नाम से एक एप डाउनलोड किया था। इसके बाद एक धारावाहिक चैनल का एप डाउनलोड किया। जिसके बाद उनके खाते से कुल 12 लाख 13 हजार रुपये निकल गए। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस ने इसकी शिकायत की। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

AnyDesk doing fraud with people?

सावधानी ही प्रथम सुरक्षा

इधर पुलिस ने आप जनता से साइबर क्राइम के प्रति सावधान रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि लोग किसी भी अंजान व्यक्ति के बहकावे में न आयें। साथ ही मोबाइल पर संदिग्ध किस्म के मैसेज, लिंक आदि को भी न खोलें। साइबर ठग आजकल ठगी के रोज नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। सावधानी ही प्रथम सुरक्षा है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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