बने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’
8वीं मास्टर्स एथलेटिक में अल्मोड़ा ने जीते 7 स्वर्ण पदक
90+ आयु के अवकाश प्राप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने उत्तराखण्ड मास्टर्स एथलेटिक 2025 में 3 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और 'गेस्ट ऑफ ऑनर' बने। अल्मोड़ा ने कुल 7 स्वर्ण पदक जीते।
सीएनई रिपोर्टर देहरादून/अल्मोड़ा। उम्र महज़ एक संख्या है, यह बात अल्मोड़ा जनपद के 90+ आयुवर्ग के लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने देव भूमि मास्टर्स एथलेटिक प्रतियोगिता में सिद्ध कर दी।

जिला मास्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन चंद्र भट्ट और सचिव रमा जोशी ने खेल की जानकारी देते हुए बताया कि 29-30 नवंबर 2025 को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 8वीं उत्तराखण्ड मास्टर्स एथलेटिक प्रतियोगिता में, जहाँ युवा खिलाड़ियों का जज्बा देखने को मिला, वहीं 90 वर्ष से अधिक के अवकाश प्राप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐठानी ने तीन स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर सबको अचंभित कर दिया।
अल्मोड़ा के इस ‘सुपर सीनियर’ एथलीट ने 90+ आयुवर्ग की 100 मीटर रेस, 200 मीटर रेस और गोला फेंक जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में अव्वल स्थान हासिल किया। उनके इस असाधारण प्रदर्शन के लिए देव भूमि मास्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन ने उन्हें कार्यक्रम के ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के सम्मान से भी नवाजा, जो उनकी अद्वितीय उपलब्धि को दर्शाता है।
लक्ष्मण सिंह ऐठानी के नेतृत्व में अल्मोड़ा का दबदबा: 7 स्वर्ण पदकों पर कब्ज़ा
लक्ष्मण सिंह ऐठानी के नेतृत्व में, अल्मोड़ा जनपद की टीम ने कुल 7 स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया:
- कमला भट्ट (60+ आयुवर्ग): महिलाओं के वर्ग में कमला भट्ट ने अपनी फिटनेस और गति से प्रभावित किया। उन्होंने 400 मीटर, 200 मीटर और 100 मीटर दौड़ में तीन स्वर्ण पदक जीतकर महिला दल का नेतृत्व किया।
- पूरन चन्द्र मह (70+ आयुवर्ग): पूरन चन्द्र मह ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 5000 मीटर रेस और 1500 मीटर रेस में दो स्वर्ण पदक और 800 मीटर रेस में कांस्य पदक प्राप्त किया।
- अन्य पदक विजेता:
- बलवन्त सिंह बिष्ट: उन्होंने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण और 5000 मीटर पैदल चाल में रजत पदक जीता।
- हेमा बिष्ट: 5 कि.मी. पैदल चाल में स्वर्ण पदक और डिस्कस थ्रो तथा लम्बी कूद में दो रजत पदक अपने नाम किए।
- रमा जोशी (60+ आयुवर्ग): 800 मीटर रेस में स्वर्ण और 5000 मीटर पैदल चाल में रजत पदक प्राप्त किया।
- जीवन चंद्र जोशी (65+ आयुवर्ग): 5000 मीटर पैदल चाल में रजत पदक प्राप्त किया।
यह प्रतियोगिता सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं थी, बल्कि यह साबित करती है कि शारीरिक फिटनेस और जीत की ललक किसी भी उम्र की मोहताज नहीं होती। अल्मोड़ा के इन मास्टर्स एथलीटों ने पूरे राज्य के लिए एक नई प्रेरणा स्थापित की है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन की मुख्य बातें :-
| खिलाड़ी का नाम | आयुवर्ग | स्पर्धा | पदक |
| लक्ष्मण सिंह ऐठानी | 90+ | 100 मी. रेस | स्वर्ण |
| 200 मी. रेस | स्वर्ण | ||
| गोला फेंक | स्वर्ण | ||
| कमला भट्ट | 60+ | 100 मी. दौड़ | स्वर्ण |
| 200 मी. दौड़ | स्वर्ण | ||
| 400 मी. दौड़ | स्वर्ण | ||
| पूरन चन्द्र मह | 70+ | 5000 मी. रेस | स्वर्ण |
| 1500 मी. रेस | स्वर्ण | ||
| 800 मी. रेस | कांस्य | ||
| बलवन्त सिंह बिष्ट | जैवलिन थ्रो | स्वर्ण | |
| 5000 मी. पैदल चाल | रजत | ||
| हेमा बिष्ट | 5 कि.मी. पैदल चाल | स्वर्ण | |
| डिस्कस थ्रो | रजत | ||
| लम्बी कूद | रजत | ||
| रमा जोशी | 60+ | 800 मी. रेस | स्वर्ण |
| 5000 मी. पैदल चाल | रजत | ||
| जीवन चंद्र जोशी | 65+ | 5000 मी. पैदल चाल | रजत |
92 साल के लक्ष्मण सिंह ऐठानी बने प्रेरणा स्रोत
अवकाश प्राप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 8th उत्तराखंड स्टेट मास्टर्स एथलेटिक टूर्नामेंट में ऐसा अद्भुत प्रदर्शन किया कि पूरी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
200 मीटर दौड़ – प्रथम स्थान
100 मीटर दौड़ – प्रथम स्थान
शॉट पुट थ्रो – प्रथम स्थान
गोल्ड मेडल विजेता

