कैंची धाम : बीच सड़क पर ‘हांफ’ गई रोडवेज की ‘खटारा’ बस, भारी जाम

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कैंची धाम : बीच सड़क पर 'हांफ' गई रोडवेज की 'खटारा' बस, भारी जाम
कैंची धाम : बीच सड़क पर 'हांफ' गई रोडवेज की 'खटारा' बस, भारी जाम

CNE रिपोर्टर, भवाली/भीमताल: मंगलवार का दिन कैंची धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए अग्निपरीक्षा जैसा साबित हुआ। हल्द्वानी-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम के समीप, सुबह 11 बजे, रोडवेज की एक खटारा बस बीच सड़क पर हांफ कर खड़ी हो गई। परिणामस्वरूप, सड़क के दोनों ओर वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।


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सबसे पहले, आपको बता दें कि यह पवित्र तीर्थस्थल नैनीताल से लगभग 17 किलोमीटर और भवाली से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह आश्रम पूज्य संत नीम करोली बाबा को समर्पित है, जिसके चलते यहाँ देश के तमाम राज्यों से भक्तजन रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि, कैंची धाम में हर मंगलवार, शनिवार और रविवार को विशेष भीड़ रहती है। चूंकि आज मंगलवार था, क्षेत्र में पहले से ही ज़बरदस्त ट्रैफ़िक था। इसी बीच, अचानक एक रोडवेज की बस (संख्या Uk07PA4448) बीच सड़क पर अटक गई, जिससे पूरा यातायात थम गया। निश्चित रूप से, इस अप्रत्याशित जाम ने यात्रियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी।

पुलिस की तत्परता, फिर भी यात्रियों को घंटों इंतज़ार

सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। हालाँकि, ट्रैफ़िक को सामान्य करना एक चुनौती बन गया था। पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाए रखने में तत्पर रहे, बावजूद इसके यात्रियों और श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतज़ार करना पड़ा।

काफ़ी जद्दोजहद के बाद, खराब बस को सड़क के एक किनारे किया गया। इसके अलावा, धीमी गति से ही सही, यातायात फिर से शुरू हो पाया। संक्षेप में, जाम खुलने के बाद भी घंटों तक वाहन सरक-सरक कर चलते रहे, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।

पुरानी बसों पर सवाल: ‘फेल’ होती रोडवेज व्यवस्था

सबसे अहम बात यह है कि, रोडवेज प्रशासन की उदासीनता के कारण आए दिन सड़कों पर रोडवेज बसों के खराब होने की सूचनाएं आम हो चुकी हैं। दरअसल, रोडवेज ने तमाम पुरानी और खटारा बसें भी रूट पर उतारी हुई हैं। जैसे ही ये बसें बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं, यातायात निश्चित रूप से बाधित होता है।

अतः, स्थानीय प्रशासन और रोडवेज संचालन को इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों को परेशानी न हो।

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