HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: उत्तराखंड क्रांति दल ने दौलाघट में भरी हुंकार

अल्मोड़ा: उत्तराखंड क्रांति दल ने दौलाघट में भरी हुंकार

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मूल निवास 1950 और सशक्त भू-कानून को बताया अस्तित्व की लड़ाई

अल्मोड़ा (सोमवार): उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) जिला इकाई अल्मोड़ा द्वारा आज दौलाघट क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं समेत उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े गंभीर नीतिगत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान दर्जनों स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने यूकेडी की विचारधारा पर विश्वास जताते हुए पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।

जंगली जानवरों का आतंक और खेती का संकट

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आज उत्तराखंड का काश्तकार दोहरी मार झेल रहा है। खेतों में सुअर, बाग और भालू जैसे जंगली जानवरों के आतंक के कारण खेती पूरी तरह चौपट हो रही है। पलायन का यह एक मुख्य कारण बन चुका है क्योंकि किसान अपनी जमीन को बंजर छोड़ने पर मजबूर है।

भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली

यूकेडी कार्यकर्ताओं ने मनरेगा (NREGA) कार्यों में हो रही भारी अनियमितताओं पर तीखा प्रहार किया। आरोप लगाया गया कि धरातल पर काम कम और कागजों में धांधली ज्यादा हो रही है। साथ ही, क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा पर रोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि विभाग सो रहा है और जनता बुनियादी इलाज के लिए तरस रही है।

यूकेडी की मुख्य मांगें: मूल निवास और भू-कानून

बैठक में उत्तराखंड के अस्तित्व को बचाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:

  • गैरसैंण राजधानी: उत्तराखंड की स्थाई राजधानी ‘गैरसैंण’ बनाने से ही पहाड़ी क्षेत्रों का वास्तविक विकास संभव है।
  • मूल निवास 1950: यदि प्रदेश में मूल निवास 1950 लागू होता है, तो यहां के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे और उनकी पहचान सुरक्षित रहेगी।
  • सशक्त भू-कानून व धारा 371: उत्तराखंड की जमीन को बचाने के लिए सख्त भू-कानून और विशेष संवैधानिक सुरक्षा (धारा 371) लागू करना अनिवार्य है।

“आज उत्तराखंड में जाति और धर्म की राजनीति हावी हो रही है, जो विकास के लिए चिंताजनक है। यूकेडी एकमात्र ऐसा दल है जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर चलता है।” — पार्टी पदाधिकारी


नए सदस्यों का स्वागत और उपस्थिति

संगठन की मजबूती को देखते हुए आज बाला दत्त जोशी, हंसा दत्त, महेश चंद्र, उमेश जोशी, महेश बिष्ट, दर्शन राम समेत अजय कनवाल, सुमित भट्ट, गौरव अधिकारी और सागर सिंह बिष्ट जैसे कई साथियों ने यूकेडी का दामन थामा।

बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी, विक्रम सिंह बिष्ट, दीपा जोशी, किरन मेहरा, पान सिंह लटवाल, नरेंद्र सिंह बिष्ट, अनीता देवी, मुनी देवी, नीरज जोशी, रघुवर सिंह भाकुनी, मोहित शाह और सोनू नेगी आदि उपस्थित रहे।

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