HomeUncategorizedअल्मोड़ा नंदादेवी मंदिर का पारंपरिक शैली में होगा पुनर्निर्माण: धामी

अल्मोड़ा नंदादेवी मंदिर का पारंपरिक शैली में होगा पुनर्निर्माण: धामी

👉 ऐतिहासिक एवं पौराणिक नंदादेवी मेले का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन
👉 डीनापानी में ‘नंदादेवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना करने की घो​षणा

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: यहां ऐतिहासिक एवं पौराणिक नंदादेवी मेले का गुरुवार को आगाज हो गया है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि मां नंदादेवी मंदिर अल्मोड़ा का पारंपरिक शैली में पुनर्निर्माण किया जाएगा। उन्होंने डीनापानी में ‘नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का शुभारंभ करते हुए कहा कि अल्मोड़ा जनपद समेत समूचे प्रदेशवासियों को बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह मेला हमारी लोक आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है और मेला न सिर्फ धार्मिक आयोजन है, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तिकरण का भी मंच है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में आयोजित होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा को भव्य रूप में मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नंदादेवी के ऐतिहासिक मंदिर का पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य पारंपरिक पर्वतीय शैली के अनुरूप वृहद रूप से किया जाएगा। इसके अलावा सरकार विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से डीनापानी में ‘नंदादेवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना भी करेगी।

सीएम बोले कि जागेश्वरधाम के लिए मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण के कार्यों के लिए 146 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और अब दूसरे चरण के विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज के लिए 50 बेड के अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना की जा रही है और लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा महिला चिकित्सालय को अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कई विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि नन्दा देवी महोत्सव अल्मोड़ा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करता है। इस अवसर पर महापौर अजय वर्मा, रानीखेत के विधायक डा. प्रमोद नैनवाल, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा व रघुनाथ सिंह चौहान, राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, कोआपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष ललित लटवाल, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, नंदा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल समेत अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके सीएम

अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुरुवार को जनपद भ्रमण के तहत अल्मोड़ा पहुंचने का कार्यक्रम तय था। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थीं। उनका यहां लगभग सवा दो बजे पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित था। उन्हें यहां मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला एवं क्राफ्ट म्यूजियम के उद्घाटन, नन्दादेवी मेले के शुभारम्भ कार्यक्रम और मेडिकल कालेज में खुले नशा मुक्ति केन्द्र के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग करना था। मगर सीएम यहां नहीं पहुंच सके। जिसके बाद सीएम वर्चुअल तरीके से नंदादेवी मेले के उद्घाटन कार्यकम से जुड़े।

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