सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: यहां वरिष्ठ साहित्यकार विपिन जोशी ‘कोमल’ की माता नंदी जोशी के निधन पर डे-केयर अल्मोड़ा एवं गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ने गहरा दुख व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। स्व. नंदी जोशी शकुनाखर गायिका (गिदार) के रूप में जानी जाती थीं।

यहां उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा में डे-केयर अल्मोड़ा एवं गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के वरिष्ठ सदस्य कवि विपिन जोशी की माता नंदी जोशी का 82 वर्ष की आयु में बीते रविवार को निधन हो गया था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थी। उन्होंने अपने बड़े पुत्र विपिन के थपलिया स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। स्व. नंदी देवी शकुनाखर गिदार थी। विवाह, नामकरण और जनेऊ जैसे मांगलिक कार्यों पर वह कुमाऊं के पारंपरिक कुमाऊंनी संस्कार गीत का गायन करती थीं। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। उनके तीन बेटों में ज्येष्ठ पुत्र विपिन जोशी वरिष्ठ साहित्यकार हैं जबकि दूसरे पुत्र पूरन जोशी डाकघर और छोेटे पुत्र विनोद जोशी सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं।
गिदार नंदी जोशी के निधन पर उक्त संगठनों से जुड़े हेम चंद्र जोशी, डा. गोकुल सिंह रावत, चन्द्रमणि भट्ट, एमसी काण्डपाल, गिरीश चन्द्र जोशी, आनन्द सिंह बगड्वाल, डा. अरुण पंत, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, डा. जेसी दुर्गापाल, नरेंद्र सिंह नेगी, तारा चन्द्र साह, पुष्पा कैड़ा, सुनयना मेहरा, रमा भट्ट, धारा बल्लभ पाण्डेय, रीता दुर्गापाल, चन्द्रशेखर सिंह बनकोटी, रमेश चंद्र पाण्डेय, बसन्त बल्लभ पंत, पीएस बोरा, किशोर जोशी एवं राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ अल्मोड़ा के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।



