सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और भू-कटाव की समस्या विकराल होती जा रही है। ताज़ा मामला विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम चौपड़ा का है, जहाँ एक बिल्डर द्वारा कथित रूप से सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
शनिवार को ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (SDM) को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर निर्माण कार्य को तुरंत रोकने और सुरक्षा दीवार (Retaining Wall) बनाने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला ?
ग्राम चौपड़ा के चमुथान तोक में एक बिल्डर द्वारा अपनी निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर भवन निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के लिए पहाड़ी की कटान तो कर दी, लेकिन उसके ऊपर स्थित किसानों की निजी कृषि भूमि को सुरक्षित करने के लिए कोई सुरक्षा दीवार (Safety Wall) नहीं खड़ी की।
किसानों की आजीविका पर संकट
ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थल के ठीक ऊपर उनकी उपजाऊ खेती की जमीन है। सुरक्षा दीवार न होने के कारण बारिश या सामान्य भू-धंसाव से पूरी खेती की जमीन नीचे गिर सकती है।
“अगर जल्द ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो दर्जनों किसानों की पुश्तैनी जमीन और आजीविका हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी,” – स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की।
मुख्य मांगें: प्रशासन से लगाई गुहार
ग्राम प्रधान ललिता और क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गई हैं:
- निर्माण पर रोक: जब तक सुरक्षा दीवार का पुख्ता इंतजाम नहीं होता, तब तक भवन निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
- सुरक्षा दीवार का निर्माण: किसानों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिल्डर को अनिवार्य रूप से ‘रिटेनिंग वॉल’ बनाने के आदेश दिए जाएं।
इस दौरान ग्राम पंचायत के कई सम्मानित सदस्य और ग्रामीण शामिल रहे। प्रार्थना पत्र पर प्रकाश चन्द्र, चन्दन सिंह, बबीता, भावना, सरस्वती देवी, हरीश, किशन राम और अन्य निवासियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

