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भालू पकड़ने गये थे खुद की जान पर बन आई, आत्मरक्षा में चलाई गोली, कर दिया ढेर

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सीएनई रिपोर्टर

चमोली जनपद में आतंक का पर्याय बन चुके भालू को वन कर्मियों ने गोली मारकर ढेर कर दिया। हुआ यूं कि भालू को जिंदा पकड़ने के लिए पहले जाल बिछाकर तमाम प्रयास किये गये, लेकिन भालू ने अचानक हमला बोल दिया, जिसके बाद आत्म सुरक्षा के लिए वन कर्मियों को भालू को मारने के लिए विवश होना पड़ा।

आपको याद दिला दें कि बीते लंबे समय से जोशीमठ में एक भालू ने आतंक मचा रखा था। किन्हीं कारणों से बेवजह इंसानों का दुश्मन बन बैठा था। जहां भी कोई इंसान दिखता यह उस पर हमला कर रहा था। कई लोग इसके हमले में घायल हो चुके थे। इस भालू की दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने वन विभाग से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद से इसे पकड़ने के तमाम इंतजाम किये गये थे, लेकिन यह हाथ नही आ रहा था।

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गत देर रात जोशीमठ के सिंहद्वार के पास भालू ने एक बार फिर दहशत मचा दी। इसने कुछ लोगों पर हमले का प्रयास किया। जिसके बाद वन विभाग की टीम भालू को रेस्क्यू में जुट गई।इसी बीच अचानक भालू सामने पड़ गया और उसने अचानक वन कर्मियों पर हमला कर दिया। आनन—फानन में वन कर्मियों ने भी अपनी जान बचाने के लिए भालू पर गोली चला दी। एक ही गोली में भालू मौके पर ही ढेर हो गया। खबरें वही जो समय पर मिले, तो जुड़िये हमारे WhatsApp Group से Click Now

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वन कर्मियों के मुताबिक रिहायशी इलाके में भालू के दिखाई देने की सूचना पर टीम पहुंची। जाल लेकर इसे जिंदा पकड़ने का भरकस प्रयास किया गया, लेकिन भालू काबू में नहीं आ पाया और यह अचानक आक्रमक हो गया। यदि वन कर्मी समय पर गोली नही चलाते तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। अलबत्ता दहशत का पर्याय बन चुके भालू के मारे जाने से आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है।

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उल्लेखनीय है कि आम तौर पर, भालू केवल अपने भोजन, शावकों या स्थान की रक्षा के लिए मनुष्यों पर हमला करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, काले भालू आमतौर पर डरपोक जानवर होते हैं। इसका मतलब है कि वे पहले तो आप पर हमला नहीं करना चाहेंगे और इंसानों से दूर जाने का प्रयास करेंगे, लेकिन यदि वह हमले का मन बना लें तो उनको रोक पाना कठिन है। एक काले भालू के लिए एक इंसान पर हमला करना बहुत दुर्लभ है। यह आमतौर पर केवल तभी होता है जब भालू बीमार होता है या अगर वह अपने को घिरा हुआ व खतरे में महसूस करता है।

भालू का सामना करने से बचने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है अपने भोजन और कचरे को सही ढंग से संग्रहित करना चाहिए। भालू के पास गंध की बहुत अच्छी भावना होती है और भोजन की गंध से कैंपसाइट की ओर आकर्षित हो सकते हैं। सभी खाद्य पदार्थों को घर के अंदर पैक करके रखना चाहिए। सभी खाद्य और बदबूदार वस्तुओं को एक ही स्थान पर गंध-प्रूफ कंटेनर में रखना चाहिए। यदि आप जंगल में हैं तो भालू के शावकों से दूरी बनानी चाहिए, क्येांकि अकसर वह अपने बच्चों को बचाने के लिए इंसानों पर हमला कर देते हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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