संस्कृति और ऐतिहासिक अधिकारों का संवैधानिक कवच
क्या पाँचवीं अनुसूची पहाड़ की संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और ऐतिहासिक अधिकारों की मजबूत संवैधानिक ढाल बन सकती है?
▶ वीडियो अभी देखेंबागेश्वर। कांडा तहसील के अंतर्गत आने वाला पंचोडा गांव निवासी राजेंद्र सिंह मांजिला को लॉक डाउन के बाद नया रोजगार मिला है। एसडीएम कांडा उसे तहसील परिसर में चाय, नाश्ते की रेहड़ी लगाने की इजाजत दी है। उसने अपनी दुकान का ऐसा उद्घाटन करवाया कि लोग देखते रह गए। उसकी चाय-पकोड़े की रेहड़ी का उद्घाटन करने के लिए पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, एसडीएम राकेश तिवारी, थानाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद, बीडीसी के कई सदस्यों समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

राजेंद्र लॉक डाउन के बाद बेरोजगार हो चुका था, इससे पहले वह दिल्ली में काम करता था। लॉकडाउन में घर लौटा तो उसके आय के तमाम स्रोत बंद हो चुके थे। मुश्किलों के इस दौर में कांडा एसडीएम राकेश तिवारी के सामने उसने गुहार लगाई। उसकी फरियाद सुनते हुए एडीएम ने कांडा तहसील परिसर में रेहडी लगाने की इजाजत दे दी। आज से उसने अपनी रेहड़ी का शुभारंभ किया। राजेंद्र का हौसला बढ़ाने के लिए कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, थानाध्यक्ष कांडा महेंद्र प्रसाद, भैरू चौवाटा क्षेत्र पंचायत गोपा धपोला, सीमाकुना क्षेत्र की पंचायत सदस्य पूजा आर्य,वीरेंद्र नगरकोटी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलम सिंह मेहरा, राजेंद्र सिंह नगरकोटी व सुरेंद्र सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।

राजेंद्र सिंह मांजिला ने बताया कि चाय पकोड़े समोसे परांठे आदि चीजें बनाई जाएगीं। उनका कहना है कि दूरदराज क्षेत्र से आने वाले तहसील कार्यालय में दिन भर भूखे प्यासे बैठे रहना पड़ता है अब उन्हें उसकी चलती फिरती दुकान की सेवा मिल सकेगी।


