भुवनेश्वर में उत्तराखंड के शटलरों का धमाका
बालक-बालिका के साथ पुरुष और महिला टीमों ने भी जीते खिताब
सीएनई रिपोर्टर, भुवनेश्वर। उत्तराखंड के बैडमिंटन इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भुवनेश्वर में आयोजित योनेक्स सनराइज ईस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप-2026 में उत्तराखंड ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे ईस्ट जोन में राज्य का दबदबा कायम कर दिया। उत्तराखंड की टीमों ने प्रतियोगिता के बालक, बालिका, पुरुष और महिला—चारों वर्गों में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उत्तराखंड ने ईस्ट जोन इंटर स्टेट चैंपियनशिप के इतिहास में पहली बार चारों वर्गों में एक साथ खिताब अपने नाम किया है। राज्य के खिलाड़ियों ने कोर्ट पर न केवल शानदार तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि दबाव के क्षणों में जबरदस्त आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का परिचय भी दिया।

उत्तराखंड की पुरुष एवं महिला टीमें पिछले छह वर्षों से लगातार जोनल चैंपियन बनी हुई हैं। इस बार बालक और बालिका वर्ग में भी खिताबी सफलता हासिल कर राज्य ने अपनी प्रतिभा की गहराई और मजबूत खेल ढांचे का प्रभावशाली प्रमाण प्रस्तुत किया।
फाइनल में भी विरोधियों पर भारी पड़ा उत्तराखंड
बालक टीम चैंपियनशिप के फाइनल में उत्तराखंड का मुकाबला मेजबान ओडिशा से हुआ। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ओडिशा को 2-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया।
बालिका टीम चैंपियनशिप के फाइनल में उत्तराखंड के सामने पश्चिम बंगाल की चुनौती थी। यहां भी उत्तराखंड की खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल के दम पर मुकाबला 2-0 से अपने पक्ष में किया और चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
पुरुष टीम चैंपियनशिप के फाइनल में उत्तराखंड और बिहार आमने-सामने थे। उत्तराखंड ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए बिहार को किसी तरह की वापसी का अवसर नहीं दिया और मुकाबला 3-0 से जीतकर पुरुष वर्ग का खिताब बरकरार रखा।
महिला टीम चैंपियनशिप के फाइनल में उत्तराखंड की भिड़ंत उत्तर प्रदेश से हुई। मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा रहा, लेकिन उत्तराखंड की खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर संयम बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही महिला वर्ग का खिताब भी उत्तराखंड के खाते में चला गया।
व्यक्तिगत और युगल मुकाबलों में भी चमका उत्तराखंड
टीम चैंपियनशिप में चार खिताब जीतने के अलावा उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और युगल स्पर्धाओं में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
पुरुष फाइनल में अंश ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दिव्यन केजरीवाल को लगातार दो गेमों में 15-11, 15-11 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
बालिका अंडर-19 युगल स्पर्धा में अक्षिता और शांभवी की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए आदित्य और रिद्धिमा की जोड़ी को 15-10, 15-9 से पराजित किया और प्रथम स्थान हासिल किया।
बालक अंडर-19 वर्ग में प्रभु को सक्षम के हाथों 8-15, 11-15 से हार का सामना करना पड़ा। शानदार संघर्ष के बावजूद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
वहीं महिला युगल में स्नेहा और उन्नति की जोड़ी ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन उन्हें आदित्य और रिद्धिमा की जोड़ी के हाथों 15-10, 7-15, 12-15 से हार मिली। दोनों खिलाड़ियों ने रजत पदक हासिल किया।
मेहनत, अनुशासन और टीम भावना बनी सफलता की कुंजी
उत्तराखंड की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मेहनत के साथ प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतियोगिता के दौरान उत्तराखंड की टीमों ने तकनीकी दक्षता के साथ-साथ अनुशासन, मानसिक मजबूती और टीम भावना का शानदार परिचय दिया।
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में मुख्य कोच डी. के. सेन, कोच लोकेश नेगी, कोच बलजीत सिंह तथा मैनेजर जयश्री ध्यानी के मार्गदर्शन और परिश्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। खिलाड़ियों को रणनीति से लेकर मानसिक तैयारी तक प्रशिक्षकों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
बैडमिंटन परिवार में खुशी की लहर
उत्तराखंड की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, सचिव बी. एस. मनकोटी, मुख्य कोच डी. के. सेन, कोषाध्यक्ष राम अवतार सहित समस्त बैडमिंटन परिवार ने विजेता टीमों और खिलाड़ियों को बधाई दी।
पदाधिकारियों ने कहा कि ईस्ट जोन की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एक साथ चारों वर्गों में चैंपियन बनना उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता बताती है कि राज्य में बैडमिंटन की नई पीढ़ी लगातार मजबूत हो रही है और खिलाड़ियों को मिल रहा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन सकारात्मक परिणाम दे रहा है।
एसोसिएशन की ओर से विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। इस ऐतिहासिक जीत को उत्तराखंड के युवा शटलरों के लिए प्रेरणा का नया अध्याय माना जा रहा है।



