HomeUttarakhandAlmoraमां की ममता के नाम प्रकृति को समर्पित हुआ पौधरोपण अभियान

मां की ममता के नाम प्रकृति को समर्पित हुआ पौधरोपण अभियान

ग्राम कनामहरकना में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत ग्रामीणों ने रोपे पौधे, संरक्षण का लिया संकल्प

युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक बने अभियान का हिस्सा

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। ग्राम कनामहरकना में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्रामीणों ने सराहनीय पहल करते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। वन क्षेत्र अधिकारी, जागेश्वर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। ग्रामीणों ने पौधे रोपने के साथ ही उनके संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी लेने का भी संकल्प लिया।

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सामूहिक रामायण के दौरान लिया गया था पौधरोपण का निर्णय

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व ग्राम सभा की ओर से रामायण का सामूहिक आयोजन राम सैम मंदिर में किया गया था। धार्मिक आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की और गांव एवं आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने का निर्णय लिया।

निर्णय के बाद ग्रामीणों ने वन क्षेत्राधिकारी, जागेश्वर से संपर्क कर बड़ी संख्या में पौधे उपलब्ध कराने का आग्रह किया। वन विभाग की ओर से सहयोग मिलने के बाद पौधरोपण कार्यक्रम की तैयारी की गई और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधे रोपने का अभियान शुरू किया।

बुजुर्गों ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश, युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी

पौधरोपण कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें गांव के हर आयु वर्ग ने अपनी सहभागिता निभाई। बुजुर्गों ने जहां युवाओं को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया, वहीं युवाओं ने पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।

ग्रामीणों का कहना था कि केवल पौधे लगा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी उचित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखरेख करने का संकल्प लिया।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ बना भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम

ग्रामीणों ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। मां के नाम पौधा लगाना लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने की प्रेरणा देता है।

ग्रामीणों ने कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चों का जीवनभर संरक्षण करती है, उसी प्रकार लगाए गए पौधों का संरक्षण करना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक पौधरोपण जरूरी

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय असंतुलन, लगातार बढ़ता तापमान, जलस्रोतों पर बढ़ता दबाव और जंगलों पर बढ़ता खतरा गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण का आधार बन सकता है। इसलिए पौधरोपण को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर इसे जन-अभियान का रूप दिया जाना चाहिए।

वन विभाग के सहयोग के लिए ग्रामीणों ने जताया आभार

ग्रामीणों ने पौधरोपण अभियान में सहयोग प्रदान करने के लिए वन विभाग एवं वन क्षेत्राधिकारी, जागेश्वर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग के सहयोग से गांव में वृहद स्तर पर पौधरोपण संभव हो सका।

ग्रामीणों ने भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने गांव के अन्य लोगों से भी पौधरोपण अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षण प्रदान करने का आह्वान किया।

बुजुर्गों से युवाओं तक दिखा उत्साह

कार्यक्रम में ग्राम के बुजुर्गों, युवाओं एवं अन्य ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पौधरोपण के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। सभी ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने और गांव को अधिक हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।

कनामहरकना में आयोजित यह पहल इस बात का संदेश देती है कि जब समाज के सभी वर्ग पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होकर आगे आते हैं, तो छोटे स्तर की पहल भी भविष्य में बड़े परिवर्तन का आधार बन सकती है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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