HomeUttarakhandAlmoraब्रेकिंग: अगस्त क्रांति के दिन जागेश्वर विधानसभा की राजनीति में बड़ा नया...

ब्रेकिंग: अगस्त क्रांति के दिन जागेश्वर विधानसभा की राजनीति में बड़ा नया मोड़

╰┈➤ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने थामा उक्रांद का दामन
╰┈➤ करीब साढ़े तीन दशक तक कांग्रेस की सेवा की, जैंती में बड़ी चहल-पहल के बीच हुई घोषणा

🚨 ALMORA SPECIAL
✈️ अल्मोड़ा के रवि टम्टा की
‘उड़ने वाली कार’ आखिर कैसी है?
चीन-जापान की Flying Cars की दुनिया में SKYNeX कहां खड़ी है? 👇 खुद देखिए इसकी उड़ान
▶️ वीडियो देखिए और बताइए—
क्या भविष्य की उड़ान अल्मोड़ा से शुरू हो सकती है?
पूरा समाचार पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें 👇
ADVERTISEMENTS

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। जिले की जागेश्वर विधानसभा की राजनीति में अगस्त क्रांति के दिन उस वक्त बड़ा नया मोड़ आ गया, जब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं लगातार पांच बार विधायक रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे एवं कांग्रेस का जाना-माना चेहरा दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्षस्थ नेताओं की मौजूदगी में उक्रांद की सदस्यता ले ली। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उन्होंने यूकेडी ज्वाइन की। मालूम हो कि दिनेश कुंजवाल, पूर्व में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और दर्जा मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने करीब साढ़े तीन दशक कांग्रेस की सेवा की है।
जागेश्वर के राजनैतिक गलियारों में मची हलचल

दरअसल, रविवार को अगस्त क्रांति ​के दिन पूर्व दर्जा मंत्री दिनेश कुंजवाल ने जागेश्वर विधानसभा की राजनीति में एक नया बिगुल फूंक दिया। दिनेश कुंजवाल के संयोकत्व में पर्वतीय ग्राम स्वराज्य मंडल के खादी ग्रामोद्योग परिसर जैंती (लमगड़ा) में जनशक्ति महासम्मेलन नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें उक्रांद के शीर्षस्थ नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों का सैकड़ों की तादाद में जमावड़ा लगा। जिसमें दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस छोड़ने और उत्तराखंड के हितों के लिए संघर्ष करने और परिवर्तन के संकल्प के साथ उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ उनके समर्थन में करीब ढाई सौ लोगों ने उक्रांद की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड के सरोकारों की लगातार अनदेखी हो रही है, जिससे उन्हें नये संघर्ष की जरूरत महसूस हुई और उत्तराखंड के स्वाभिमान, अधिकार, सम्मान व बेहतर भविष्य के लिए आवाज बुलंद करने की ठानी। इसलिए उक्रांद से नाता जोड़ा है। सरल एवं मृदुभाषी दिनेश कुंजवाल ने अपने संबोधन में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को लेकर कोई खास टीका-टिप्पणी भी नहीं की। उन्होंने इस संघर्ष में क्षेत्र के लोगों, मातृशक्ति व युवा शक्ति से साथ देने का सहयोग मांगा। बहरहाल दशकों तक कांग्रेस की सेवा करते हुए अचानक दिनेश कुंजवाल के उक्रांद में चले जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल है।
इस बार उक्रांद की लहर: ऐरी

इस मौके पर उक्रांद के संस्थापक सदस्य काशी सिंह ऐरी ने कहा कि इस बार पूरे प्रदेश में उक्रांद की लहर है। प्रदेश के जल, जंगल, जमीन की लूट करने वाली पार्टियों को उखाड़ फेंकने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यही लहर वर्ष 2027 में प्रदेश में उक्रांद की सरकार बनाएगी। उक्रांद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पहाड़ की जनता बदलाव को तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं ने जोश के साथ मैदान में डटने का आह्वान किया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने सिर्फ प्रदेश को लूटने का काम किया है। ऐसे में अब समय आ गया है कि एकजुट होकर राज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए भाजपा व कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना जरूरी है। इसके लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया गया। तभी पहाड़ व युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।
आज कांग्रेस के नहीं उक्रांद के झंडे लहराए

जैंती खादी परिसर रविवार को लोगों से भरा रहा, जहां सालों से कांग्रेस के झंडे लहराते आए, वहां आज अगस्त क्रांति को यूकेडी के झंडे लहराए। जहां पहुंचे उक्रांद के वरिष्ठ नेताओं का माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर स्वागत ​हुआ। उक्रांद के शीर्षस्थ नेता काशी सिंह ऐरी, डा. नारायण सिंह जंतवाल, चंद्रशेखर कापड़ी, पुष्पेश त्रिपाठी, केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष पंकज व्यास व कुंदन बिष्ट, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, कुमायूं प्रभारी बहादुर सिंह रावत, आशुतोष नेगी, कुलदीप रावत, खड़क सिंह बगडवाल, वरूण चंदोला, प्रताप चौहान, गोविंद सिंह घस्याल, भुवन जोशी, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, पान सिंह लटवाल, रघुवीर भाकुनी, दीपा जोशी आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। पूरा हाल व परिसर लोगों से भरा रहा।
नारों से गुंजायमान रहा परिसर

उक्त कार्यक्रम के दौरान ‘जय उत्तराखंड जय उत्तराखंडी’, ‘जय पहाड़ जय पहाड़ी’,’गांव गांव गली गली यूकेडी की लहर चली’ आदि नारे गुंजायमान रहे। जब दिनेश कुंजवान ने उक्रांद की सदस्यता ली, तो उस वक्त ‘स्वागत है भई स्वागत है’ का नारा गूंज पड़ा।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments