पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
जांच में बड़े संगठित गैंग का खुलासा
CNE REPORTER, रामनगर। गोकशी और गौतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रामनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित गौमांस की बरामदगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गोकशी और गौतस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित गैंग के सक्रिय होने की बात सामने आई है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जबकि गौतस्करों को गौवंश उपलब्ध कराने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी नामजद किया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में गोकशी और गौतस्करी करने वालों के विरुद्ध कड़ी एवं सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के आदेशों के अनुपालन में तथा हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल के पर्यवेक्षण में रामनगर पुलिस ने गोकशी से जुड़े आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बिष्ट चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी मस्जिद के पास स्थित स्लाटर हाउस में पुलिस ने कार्रवाई की। मौके से करीब 120 किलोग्राम प्रतिबंधित गौमांस बरामद किया गया। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल से प्रतिबंधित गौमांस के साथ मांस काटने में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी बरामद किए। बरामदगी के आधार पर रामनगर थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले में उत्तराखण्ड गौवंश संरक्षण अधिनियम की धारा 3, 5 और 11 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए कड़े निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक रामनगर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन अवलोकन किया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और मैनुअल तथा सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। लगातार किए गए प्रयासों और जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
मालधन रोड से दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अथक प्रयासों के बाद रविवार, 9 अगस्त 2026 को मामले में संलिप्त दो आरोपियों को पंजाबी कब्रिस्तान पुलिया के पास, मालधन रोड, रामनगर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजी पुत्र रियासत अली, उम्र 21 वर्ष, निवासी मीट मार्केट के पास, ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर, नैनीताल तथा अयान पुत्र नदीम, उम्र 24 वर्ष, निवासी मीट मार्केट के पास, ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर, नैनीताल के रूप में हुई है।
दो आरोपी अभी फरार, लगातार दी जा रही दबिश
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में दो अन्य आरोपी वांछित एवं फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संभावित माध्यमों से जानकारी जुटाई जा रही है।
गौवंश उपलब्ध कराने वाले आरोपी को भी किया नामजद
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह तथ्य भी आया कि घटना में शामिल गौतस्करों को गौवंश उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने संबंधित आरोपी को नामजद किया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं।
बड़े संगठित गैंग का हुआ खुलासा
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रामनगर पुलिस ने गोकशी एवं गौतस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित गैंग का खुलासा किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, गौवंश कहां से उपलब्ध कराया जाता था और प्रतिबंधित गौमांस की आपूर्ति किन स्थानों पर की जाती थी। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार, उपनिरीक्षक जोगा सिंह, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल संदीप सिंह, कांस्टेबल अशोक कम्बोज, कांस्टेबल संजय सिंह और कांस्टेबल संजय दोसाद शामिल रहे।


