महीनों से बने गड्ढे पर उठे सवाल
सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे दर्दनाक हादसा
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी : एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे नहर किनारे सड़क पर गहरे गड्ढे के कारण ई-रिक्शा पलट गया। वाहन में रखा सामान बचाने के लिए नहर में उतरे चालक ने एक-एक कर सामान तो बाहर निकाल लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक सड़क पर गिर पड़े। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार, वनभूलपुरा थाना क्षेत्र के गौजाजाली निवासी 45 वर्षीय नजीर अहमद बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर से बिजली के उपकरणों की ढुलाई का काम लेकर निकले थे। उन्होंने ई-रिक्शे में बिजली का सामान लोड किया और उसे एक कारोबारी तक पहुंचाने के लिए रवाना हुए। डहरिया से नहर किनारे वाले मार्ग से होते हुए जब वह सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे पहुंच रहे थे, तभी सड़क पर बने गहरे गड्ढे ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।

बताया जा रहा है कि जैसे ही ई-रिक्शा गहरे गड्ढे में उतरा, चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सके और ई-रिक्शा सीधे नहर में पलट गया। हादसे में नजीर अहमद किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे, लेकिन वाहन में रखा बिजली का पूरा सामान नहर के पानी में जा गिरा और भीग गया।
नुकसान बचाने के प्रयास में बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामान को खराब होने से बचाने के लिए नजीर अहमद बिना समय गंवाए नहर में उतर गए। उन्होंने काफी मेहनत करते हुए एक-एक कर बिजली के उपकरण बाहर निकाले और सड़क तक पहुंचाया। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। वह सड़क पर गिर पड़े और फिर दोबारा उठ नहीं सके।
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत की वजह का खुलासा
घटना की सूचना मिलते ही वनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि अत्यधिक तनाव और शारीरिक मेहनत के कारण चालक की तबीयत बिगड़ी, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
महीनों से बने गहरे गड्ढे पर लोगों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नहर किनारे सड़क की बदहाल स्थिति पर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर कई महीनों से गहरा गड्ढा बना हुआ है और इसकी शिकायत कई बार संबंधित विभाग से की जा चुकी है, लेकिन आज तक मरम्मत नहीं कराई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।



