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खबर का दमदार असर, 2 महीने बाद रामगढ़ ब्लॉक में पहुंचा LPG वाहन!

इन क्षेत्रों में बंटे सिलेंडर: मंगलवार को शेष गांवों की बारी

सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जनसरोकारों की आवाज उठाने वाले ‘सीएनई’ (CNE) डिजिटल न्यूज पोर्टल की खबर का एक बार फिर बड़ा और निर्णायक असर देखने को मिला है। रामगढ़ ब्लॉक के दर्जनों गांवों के ग्रामीण पिछले दो महीनों से जिस बुनियादी जरूरत यानी रसोई गैस के लिए तरस रहे थे, उसकी आपूर्ति आखिरकार बहाल हो गई है। भवाली गैस एजेंसी का वाहन सोमवार को जैसे ही रामगढ़ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में पहुंचा, तो महीनों से परेशान उपभोक्ताओं के चेहरों पर राहत की मुस्कान तैर गई। स्थानीय जनता ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सीएनई न्यूज का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।

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आपको बता दें कि रामगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कई दूरस्थ गांवों में पिछले दो माह से भी अधिक समय से भवाली गैस एजेंसी का कोई भी वाहन नहीं पहुंचा था। इस वजह से पूरे क्षेत्र में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत पैदा हो गई थी। स्थिति इतनी विकट हो चुकी थी कि कड़ाके की ठंड और बदलते मौसम के बीच कई परिवारों के सामने दो वक्त का खाना बनाने का संकट खड़ा हो गया था। ग्रामीण दूर-दराज के जंगलों से सूखी लकड़ियां लाकर पारंपरिक चूल्हे फूंकने को मजबूर थे। बार-बार गैस एजेंसी के चक्कर काटने के बाद भी जब जनता की सुध नहीं ली गई, तो ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा था।

आम जनता की इस विकराल समस्या और गैस एजेंसी की घोर लापरवाही को देखते हुए ‘सीएनई’ के स्थानीय संवाददाता ने जमीनी हकीकत जानी। जनता के दर्द को समझते हुए सीएनई ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबर के वायरल होते ही और जनहित के इस मामले के सुर्खियों में आते ही संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन और गैस एजेंसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक दबाव और मीडिया के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार भवाली गैस एजेंसी को अपनी सुस्ती छोड़नी पड़ी और तत्काल प्रभाव से गांवों के लिए गैस वाहनों को रवाना किया गया।

खबर के दमदार असर के बाद सोमवार को रामगढ़ ब्लॉक के कई मुख्य पड़ावों जैसे नैनीपुल, खीनापानी, चोपड़ा और इसके आस-पास के क्षेत्रों में इण्डेन गैस का वाहन अपनी पूरी क्षमता के साथ पहुंचा। वाहन पहुंचते ही उपभोक्ताओं की लाइन लग गई और सुचारू रूप से गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया। वहीं, जो ग्रामीण क्षेत्र दूरी या समय की कमी के कारण सोमवार को छूट गए हैं, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भवाली गैस एजेंसी के अधिकारियों ने सीएनई को आश्वस्त किया है कि जो भी गांव आज छूट गए हैं, वहां मंगलवार को हर हाल में गैस वाहन पहुंच जाएगा और शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को सिलेंडर डिलीवर किए जाएंगे।

ग्रामीणों ने जताया आभार: ‘सीएनई है तो भरोसा है’

लंबे समय बाद रसोई गैस का सिलेंडर अपने घर ले जाते हुए ग्रामीण बेहद उत्साहित नजर आए। नैनीपुल और खीनापानी के स्थानीय निवासियों ने एक सुर में कहा कि अगर ‘सीएनई’ न्यूज़ उनकी इस समस्या को प्रमुखता से नहीं उठाता, तो शायद गैस एजेंसी और प्रशासन गहरी नींद से नहीं जागता। उपभोक्ताओं ने सीएनई की निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता की सराहना करते हुए पूरी टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सीएनई ने यह साबित कर दिया है कि वह सचमुच जनता की बुलंद आवाज है।

पूर्व प्रकाशित समाचार —

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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