चूल्हे ठप होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
नैनीताल (सीएनई संवाददाता, रामगढ़)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की किल्लत जगजाहिर है, लेकिन नैनीताल जनपद के रामगढ़ ब्लॉक से जो खबर आ रही है, वह बेहद चिंताजनक है। रामगढ़ ब्लॉक के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो महीनों से भवाली गैस एजेंसी का वाहन नहीं पहुंचा है। इस घोर लापरवाही के कारण पूरे क्षेत्र में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत पैदा हो गई है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि ग्रामीण इलाकों में लोगों के सामने भूखे पेट सोने की नौबत आ गई है, जिससे आम जनता में गैस एजेंसी के खिलाफ तीव्र आक्रोश पनप रहा है।

इस गंभीर संकट से प्रभावित क्षेत्रों की सूची काफी लंबी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामगढ़ ब्लॉक के खीनापानी, नैनीपुल, चोपड़ा, क्वारब, दियारी, प्यूड़ा और मौना सहित दर्जनों गांवों के लोग पिछले 63 दिनों से गैस की गाड़ी का रास्ता देख रहे हैं। दो महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में कोई वाहन नहीं पहुंचा है। एलपीजी सिलेंडर रिफिल न होने के कारण ग्रामीणों के घरों के चूल्हे पूरी तरह ठप हो चुके हैं। दूर-दराज के इन पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक आए इस संकट ने महिलाओं और बुजुर्गों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ा दी हैं।
गैस एजेंसी की लापरवाही पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
इस भीषण किल्लत को झेल रहे ग्रामीणों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि यह पूरी स्थिति भवाली गैस एजेंसी की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पैदा हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल इंडिया और घर-घर एलपीजी पहुंचाने के बड़े-बड़े दावों के बीच, धरातल पर उन्हें दो-दो महीने तक एक अदद सिलेंडर के लिए तरसना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील बना हुआ है।
सीएनई की पहल पर जागे अधिकारी, मिला आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएनई संवाददाता ने धरातल पर मोर्चा संभाला। संवाददाता ने इस पूरी किल्लत को लेकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और गैस एजेंसी के उच्चाधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की। सीएनई ने अधिकारियों के सामने आम जनता की पीड़ा और उनके आक्रोश को प्रमुखता से रखा। मीडिया के हस्तक्षेप और लगातार दबाव के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आगामी बृहस्पतिवार को गैस का वाहन प्रभावित क्षेत्रों में भेज दिया जाएगा, जिससे आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
खोखले आश्वासनों से त्रस्त जनता को अब भी संशय
प्रशासन और एजेंसी की ओर से बृहस्पतिवार को गाड़ी भेजने का दावा तो किया गया है, लेकिन स्थानीय जनता इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के खोखले आश्वासन उन्हें पहले भी गैस एजेंसी द्वारा कई बार दिए जा चुके हैं, लेकिन हकीकत में स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता का साफ कहना है कि जब तक गैस का वाहन वास्तव में उनके गांवों में पहुंचकर सिलेंडर डिलीवर नहीं कर देता, तब तक वे इन दावों पर भरोसा नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी वादाखिलाफी हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


