फायर सर्विस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
जलते सिलेंडर बने चुनौती, जवानों ने दिखाई बहादुरी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के हृदय स्थल कहे जाने वाले चौघानपाटा स्थित एक भोजनालय (रेस्टोरेंट) में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक आग की भीषण लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल कायम हो गया।

दोपहर करीब 01:06 बजे फायर स्टेशन अल्मोड़ा को सूचना मिली कि चौघानपाटा स्थित एक भोजनालय में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलते ही फायर सर्विस अल्मोड़ा की टीम तत्काल आवश्यक अग्निशमन उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँची। मौके पर पहुँचते ही टीम ने बिना समय गंवाए मिनी फायर इंजन (Mini Fire Engine) के माध्यम से पंपिंग शुरू की और होज पाइप की सहायता से आग पर पानी की बौछारें डालना शुरू किया।
आग लगने का प्राथमिक कारण लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर से गैस का रिसाव बताया जा रहा है। रेस्तरां के अंदर रखे सिलेंडर आग के कारण अत्यधिक गर्म हो गए थे, जिससे एक बड़ा विस्फोट होने का खतरा बना हुआ था। फायर सर्विस की टीम ने अत्यंत सावधानी और अदम्य साहस का परिचय देते हुए जलते हुए एलपीजी सिलेंडरों को होजरील (Hose Reel) की सहायता से ठंडा किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही, आग को दुकान की लकड़ी की छत में फैलने से रोकने के लिए टीम ने प्रभावी नियंत्रण किया।
बड़ा हादसा टला, आसपास की दुकानें सुरक्षित
फायर सर्विस की टीम की समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई के कारण आग को आसपास की अन्य दुकानों और व्यावसायिक भवनों तक फैलने से रोक लिया गया। इस घटना में भोजनालय को भारी नुकसान पहुँचा है, लेकिन किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को फायर सर्विस अल्मोड़ा की टीम द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें फायर स्टेशन ड्राइवर विपिन बडोला, फायरमैन प्रेम सिंह, फायरमैन श्याम लाल और वॉच फायरमैन आकांक्षा डसीला शामिल थे।
इस घटना ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को दोहराया है। फिलहाल, प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।


