राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारी
सीएनई संवाददाता, रानीखेत : रानीखेत छावनी परिषद में लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों ने अब अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर दी है। सोमवार को छावनी परिषद के आउटसोर्स कर्मचारी मित्रों ने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संशोधित नई वेतन दरों को लागू करने की जोरदार मांग की। इस संबंध में कर्मचारियों ने मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन छावनी परिषद के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।


यह आंदोलन राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के बैनर तले आयोजित किया गया। आयोग के जिला अध्यक्ष जगदीश के नेतृत्व में भारी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी छावनी परिषद कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने अपनी प्रशासनिक और आर्थिक समस्याओं को साझा करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन वर्तमान महंगाई के दौर में उन्हें बेहद कम मानदेय मिल रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एस.ओ. 190 (ई) का स्पष्ट हवाला दिया है। इस अधिसूचना के तहत कामगारों के मूल्य सूचकांक को आधार मानते हुए वेतन दरों में परिशोधन किया गया है। दिनांक 06 फरवरी 2026 को जारी इस गाइडलाइन के अनुसार, नगर निकायों और अन्य सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी किए जाने का प्रावधान किया गया था।
देहरादून नगर निगम के फैसले को बनाया आधार
कर्मचारियों ने छावनी प्रशासन के सामने उत्तराखंड के ही देहरादून नगर निगम का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड मुख्यालय नगर निगम देहरादून में आगामी 29 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड बैठक में इस अधिसूचना को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। देहरादून नगर निगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए श्रम मंत्रालय की अधिसूचना के क्रम में ₹805 प्रतिदिन की दर से वेतन देने का प्रस्ताव बोर्ड में पास कर दिया है। इसी तर्ज पर रानीखेत छावनी परिषद के कर्मचारियों ने भी ₹805 प्रतिदिन की संशोधित दर से वेतन भुगतान करने की मांग रखी है।
प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान छावनी परिषद के आउटसोर्स कर्मचारियों में भारी एकजुटता देखने को मिली। इस मौके पर मुख्य रूप से नीरज कुमार, वीरू, आशीष कुमार, अशोक कुमार, अर्जुन, बंटी, पुष्पेंद्र, कमल रावत, जुगल किशोर, सुनीता, रजनी, सोनम, राहुल, सुकेश कुमार और राशि सहित दर्जनों कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी इस जायज मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति तय करने को मजबूर होंगे।


