देखने को मिला बेहद सख्त रूप
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बागेश्वर जिला सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी का एक बेहद सख्त रूप देखने को मिला, जब उन्होंने अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई।


जनता दरबार की कार्यवाही के दौरान जब स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक शिकायत सामने आई, तो जिलाधिकारी ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (ACMO) डॉ. अमित मिश्रा से इस संबंध में जानकारी मांगी। हालांकि, डॉ. मिश्रा उस समय अपने मोबाइल फोन पर बातचीत करने में इतने मशगूल थे कि डीएम द्वारा बार-बार पूछे जाने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं रखा। अधिकारी की इस संवेदनहीनता पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल आदेश देते हुए कहा, “इनका मोबाइल जब्त करो।” डीएम ने एसीएमओ को जमकर लताड़ लगाते हुए सख्त हिदायत दी कि भविष्य में अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें।
विकास कार्यों और जन शिकायतों का निस्तारण
बैठक के दौरान सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकांश समस्याओं का समाधान किया और शेष के लिए संबंधित विभागों को समय सीमा निर्धारित कर दी। पेयजल संकट को देखते हुए उन्होंने कांडा पंपिंग योजना के तहत सभी गांवों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल निगम को तत्काल टेस्टिंग के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला योजना के तहत स्वीकृत सभी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए। साथ ही, आपदा मद और अनटाइड फंड के कार्यों को मई अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया।
जनता दरबार के मुख्य बिंदु और निर्देश:
- पेयजल एवं बुनियादी ढांचा: खुनौली में पेयजल संकट के लिए जल संस्थान और डोला में सीसी खड़ंजा निर्माण के लिए जिला पंचायत को निर्देशित किया गया।
- सर्वे के निर्देश: मंडल सेरा में पहचान पत्र केंद्र (ई-डिस्ट्रिक्ट माध्यम) की स्थापना हेतु ईडीएम को सर्वे करने तथा बनलेख गड़ेत सड़क के एलाइनमेंट के लिए पीएमजीएसवाई को आदेश दिए गए।
- सीएम हेल्पलाइन: सीएम हेल्पलाइन और ‘हैलो बागेश्वर’ पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन के शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत कॉलिंग कर फीडबैक लिया जाए।
- ई-ऑफिस अनिवार्य: सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने की चेतावनी दी गई, ताकि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति आए।
- उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


