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बागेश्वर: जिला स्तरीय ‘कौशलम’ एक्सपो में जीआईसी डोबा ने मारी बाजी

नवाचार में चमके छात्र

CNE REPORTER, बागेश्वर : जिले के विद्यार्थियों ने अपनी नवाचार शक्ति और रचनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला स्तरीय ‘कौशलम’ एक्सपो में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय भव्य आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों और उत्पादों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच की आवश्यकता है। उन्होंने डायट और शिक्षा विभाग से सामूहिक प्रयास कर इन नन्हे वैज्ञानिकों और उद्यमियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का आह्वान किया।

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प्राचार्य डॉ. चक्षुपति अवस्थी ने एक्सपो की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में जिले के 27 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 11 और 12 के मेधावियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक विद्यालय से दो सदस्यीय टीमों ने अपने मौलिक आइडिया, प्रोटोटाइप और उत्पादों को प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य किताबी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलकर बच्चों के भीतर उद्यमिता और रचनात्मक सोच को विकसित करना था।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा होते ही परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नवाचार के इस महाकुंभ में राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) डोबा बागेश्वर ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीआईसी पोथिंग कपकोट ने द्वितीय और जीआईसी नाचती कपकोट ने तृतीय स्थान हासिल किया। सभी विजेता टीमों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन छात्रों को अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बागेश्वर का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त होगा।

निर्णायक मंडल में शामिल रुचि पाठक, रविंद्र नाथ गोस्वामी और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की कविता देवली ने बारीकी से प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राजीव जोशी ने किया, जबकि समन्वयक दया सागर ने बताया कि ऐसे एक्सपो से छात्रों में समस्या समाधान की क्षमता और व्यावसायिक दृष्टिकोण पैदा होता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सी.एम. जोशी, डॉ. हरीश जोशी, डॉ. बी.डी. पाण्डेय, डॉ. उर्मिला बिष्ट और डॉ. दीपा जोशी समेत डायट की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन के समापन पर विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था, जो समाज के लिए उपयोगी भविष्य के मॉडल प्रस्तुत कर रहे थे।

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