नैनीपुल क्षेत्र में हुआ था हादसा, छत से कोसी नदी में गिरी थी
उपचार के दौरान मौत, पोस्टमार्टम के बाद गांव में अंत्येष्टि
सीएनई रिपोर्टर, खैरना/गरमपानी। बीते दिनों अपने घर की छत से अनियंत्रित होकर कोसी नदी में गिरने वाली महिला की जिंदगी की जंग आखिरकार समाप्त हो गई। सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में कई दिनों तक चले उपचार के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से महिला के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और वह अपने पीछे दो मासूम बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गई हैं।


घटनाक्रम के अनुसार, नैनीपुल क्षेत्र में दुकान संचालित करने वाले शंभू सुनाल की पत्नी मीना सुनाल शाम के समय अपने घर की छत पर मौजूद थीं। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे नीचे बह रही कोसी नदी में जा गिरीं। हादसे की खबर मिलते ही क्वारब पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल गोपाल बिष्ट, विजय आगरी और एक होमगार्ड जवान ने तत्परता दिखाई और तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों के संयुक्त बचाव अभियान के बाद घायल महिला को नदी से बाहर निकाला गया।
प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सुयालबाड़ी ले जाया गया, लेकिन उनकी नाजुक स्थिति और गंभीर चोटों को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया था। अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार को मीना सुनाल का निधन हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया, जहां गमगीन माहौल में उनकी अंत्येष्टि संपन्न हुई।
इस असमय मृत्यु ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मृतका के दो नाबालिग बच्चे हैं, जिनमें से एक कक्षा 9 और दूसरा कक्षा 7 में अध्ययनरत है। मां के साए से वंचित हुए इन बच्चों की हालत देख हर किसी की आंखें नम हैं। महिला के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव सूंड, ज्यूड़ा (नैनीताल) सहित पूरे खैरना और गरमपानी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।


