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महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना जनता के साथ छल

तत्काल लागू करे सरकार: उत्तराखंड लोकवाहिनी

अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोकवाहिनी ने केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण को लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की शर्त से जोड़ने को एक बड़ा राजनैतिक भ्रम करार दिया है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो उसे भविष्य के परिसीमन का इंतजार करने के बजाय वर्तमान सीटों पर ही तत्काल महिला आरक्षण लागू करना चाहिए। यह तीखी प्रतिक्रिया अल्मोड़ा में आयोजित लोकवाहिनी की एक महत्वपूर्ण वैचारिक बैठक में सामने आई।

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आरक्षण पर राजनैतिक घेराबंदी

बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरक्षण को सीटों की संख्या से जोड़ना केवल देरी करने की रणनीति है। लोकवाहिनी की मांग है कि संविधान की व्यवस्था के अनुरूप वर्तमान ढांचे में ही महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाए। इसके लिए सरकार को सभी राजनैतिक दलों के साथ आम राय बनानी चाहिए, न कि इसे अन्य मुद्दों के साथ उलझाना चाहिए।

अंकिता हत्याकांड: ‘सरकार का रवैया गैर-जिम्मेदाराना’

लोकवाहिनी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की स्थिति पर गहरा रोष प्रकट किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि:

  • सरकार इस पूरे प्रकरण में बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रही है।
  • जनता की पुरजोर मांग के बावजूद न तो सी.बी.आई. जांच शुरू हुई और न ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग मानी गई।
  • संगठन ने दोहराया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में निष्पक्ष जांच नहीं होती, दोषियों का पर्दाफाश होना नामुमकिन है।

अभिषाप बनता जा रहा है अनियंत्रित पर्यटन

पहाड़ की पारिस्थितिकी पर चर्चा करते हुए बैठक में चेतावनी दी गई कि पर्यटन का मौजूदा स्वरूप—चाहे वह धार्मिक हो या सैर-सपाटा—उत्तराखंड के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है।

  • प्राकृतिक आपदाएं: अनियंत्रित भीड़ के कारण थराली और धराली जैसे पर्यावरणीय संकट पैदा हो रहे हैं।
  • अस्त-व्यस्त जनजीवन: छोटे शहरों और सड़कों पर बढ़ते भारी दबाव ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है।

वन्यजीव संघर्ष और प्रशासनिक विफलता

बैठक में कहा गया कि एक ओर सरकार धार्मिक उन्माद पैदा करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग हिंसक जानवरों का निवाला बन रहे हैं। वन विभाग लोगों की जान बचाने में पूरी तरह अक्षम साबित हुआ है।


बैठक लोकवाहिनी के अध्यक्ष राजीव लोचन साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। समापन के दौरान उन्होंने घोषणा की कि डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट की 8वीं पुण्यतिथि पर विद्वानों के बीच एक वृहद संवाद आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पूरन चन्द्र तिवारी, एड. जगत रौतेला, दयाकृष्ण काण्डपाल, जंगबहादुर थापा, अजयमित्र सिंह बिष्ट, एड. अजय सिंह मेहता, हारिस मुहम्मद और कुंदन आदि ने भी अपने विचार रखे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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